जॉन बोल्टन की किताब के प्रकाशन पर रोक को लेकर अदालत का फैसला बाकी

वाशिंगटन. ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की किताब का प्रकाशन रोकने का न्यायाधीश से अनुरोध करते हुए कहा कि बोल्टन ने अंतिम मंजूरी मिले बिना अपनी किताब को प्रकाशित करने का फैसला लेकर खुद ‘‘परेशानी” खड़ी की। उन्होंने इस बात की मंजूरी नहीं ली कि इस किताब में गोपनीय सूचनाएं नहीं हैं। बहरहाल बोल्टन की ओर से पेश हुए वकील ने सरकार के अनुरोध को अवास्तविक और अव्यावहारिक बताया, खासतौर से तब, जब इस किताब की प्रतियां पहले ही प्रमुख समाचार संगठनों को जारी कर दी गई हैं और यह काफी चर्चा में आ चुकी है।

अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट जज रॉयस लैमबर्थ ने तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया। उन्होंने कहा कि वह मामले में अतिरिक्त सूचना की समीक्षा करना चाहते हैं। न्याय विभाग ने ‘‘द रूम वेयर इट हैपेन्ड” किताब के अगले हफ्ते होने वाले विमोचन पर रोक लगाने के लिए मुकदमा दायर किया है। विभाग ने दलील दी कि इस किताब में गोपनीय सूचनाएं हैं जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है और कहा कि बोल्टन ने इस किताब के प्रकाशन से पूर्व की समीक्षा प्रक्रिया पूरी नहीं की है।(एजेंसी)