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यवतमाल. जिले में कोरोनाबाधित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. इस वायरस का संक्रम अब शहर से ग्रामीण क्षेत्र में फैल रहा है. जिससे सभी नागरिकों ने शासन व प्रशासन के सूचनाओं का पालन करना अनिवार्य है. हालांकि कुछ नागरिक कोरोना के संकट को गंभीरता से नहीं ले रहे है. जिससे प्रशासन ने फिर जुर्माने की कार्रवाई की मुहिम छेड दी है. जिससे बेवजह घर से बाहर घुमनेवाले नागरिकों पर कार्रवाई करने के नर्दिेश जिलाधिकारी एम. डी. सिंह ने दिए है. जिले में पाजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. कोरोनामुक्त यवतमाल शहर अब फिर कोरोना के रडार पर आ गया है.

कोरोना पाजिटिव मरीजों में कई बार लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन उनके संपर्क में आनेवालों की रोगप्रतिकार शक्ति कम है, ऐसे लोगों को वायरस का संक्रमण होने की संभावना अधिक है. जिससे नागरिकों ने बेवजह बाहर न निकले, खुद और दूसरों के स्वास्थ्य प्रति घर में रहना सुरक्षित है. हालांकि युवक-युवतियां, महावद्यिालयीन वद्यिार्थी व कुछ नागरिक लापरवाही से बर्ताव कर रहें है.

जिलाधिकारी ने सुबह शहर में निरीक्षण करने के लिए निकलने पर उन्हें बेवजह युवक-युवतियां घर के बाहर घुमते हुए मिले, तो कुछ लोग वार्तालाप करने में मशगुल होने उनके नर्दिशन में आया. ऐसे सभी नागरिकों को जिलाधिकारी ने समझाया. लेकिन इसके पश्चात कोई इस प्रकार वर्तन करते पाए जाने पर उसके खिलाफ कडी कार्रवाई करने के नर्दिेश दिए है. नागरिकों पर दंडात्मक कार्रवाई करने को कोई शौक नहीं, हालांकि लापरवाही से बर्ताव करनेवाले नागरिकों को सबक सिखाने के लिए ऐसे कडे कदम उठाने पडते है, ऐसा भी उन्होंने बताया.

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम करने हेतू सार्वजनिक स्थलों पर थूंकना, मास्क न लगाना, सोशल डस्टिन्सिंग का पालन न करनेवालों के खिलाफ संक्रामक रोगों अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. जिसके तहत रास्ते, मार्केट, अस्पताल, कार्यालय आदि सार्वजनिक स्थलों पर थूंकने पर 500 रुपए जुर्माना, चेहरे पर मास्क न लगानेवालों को 200 रुपए जुर्माना तो दुकानदार, फल, सब्जी व जिवनावश्यक वस्तूओं के वक्रिेताओं को दो ग्राहकों में कम से कम तीन फिट का सामाजिक अंतर बनाए रखने के लिए मार्किंग करनाअनिवार्य है, इसका उल्लंघन पाए जाने पर 200 रुपए जुर्माना, दुकान मालीक-वक्रिेता को दो हजार का जुर्माना है.

किराणा व जिवनावश्यक वस्तूओं के वक्रिेताओं को वस्तूओं का दरफलक दुकान के दर्शनीस्थल लगाना अनिवार्य है, नहीं तो दो हजार के जुर्माने को सामने जाना पडेगा. उपरोक्त सभी बातों में दूसरी बार पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ अपराधिक कार्रवाई की जाएगी, ऐसा जिलाधिकारी के आदेश में है.