no Water supply

  • लाखों रुपये खर्च करके शुरू की गई जलापूर्ति योजना का ग्रहण

पुसद. मधुकर नगर निवासियों को नल के पानी से वंचित रहना पड रहा है. जलापूर्ति योजना पर अब तक लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन मधुकर नगर के निवासियों के मन में यह सवाल है कि पानी की आपूर्ति कब बहाल होगी.

भारत में, जो महाशक्ति बनने की राह पर है, बुनियादी सुविधाएं अभी तक कुछ क्षेत्रों में नहीं पहुंची हैं. इसका एक हिस्सा गायमुख नगर ग्राम पंचायत में मधुकर नगर के नागरिक जलापूर्ति बंद होने से पेयजल के साथ सार्वजनिक स्वच्छता का जिवनाश्यक चीजों के लिए यहां के नागरिकों को संघर्ष करना पड रहा है, यह सरकार की नीति के कारण है कि इसे लागू करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में आम आदमी के मन में सवालिया निशान है.

पुसद पंचायत समिति के तहत सबसे बड़ी ग्राम पंचायत के रूप में जानी जाने वाली गायमुख ग्राम पंचायत में कई समस्याएं हैं और यह ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार से ग्रस्त है. पुसद पंचायत समिति के मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्रामपंचायत के मधुकर नगर में विगत चार दिनों से जलापूर्ति बंद है. ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ भी, नागरिकों को पानी के लिए भटकना पड़ता है. नागरिकों को पानी के लिए भटकना पड रहा है. इस बात की जांच कि गाँव का विकास निधि आज तक किस हद तक खर्च किया गया है, इससे बड़ी दरार की संभावना नहीं है, लेकिन चर्चा है कि संबंधित वरिष्ठ अधिकारी जानबूझकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं.

इस गांव के नागरिकों ने विकास के लिए पदाधिकारियों का चुनाव किया है. यहां पानी की आपूर्ति पर लाकडाउन के काल के दौरान लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी नागरिकों को पीने के पानी के लिए दरदर भटकना पड रहा है. गांव की जलापूर्ति बार-बार किसी ना किसी कारण से बंद रहती है. जिससे मधुकरनगरवासियों ने नल के पानी से वंचित रहना पड रहा है. जलापूर्ति योजना पर अब तक लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन मधुकर शहरवासियों के मन में यह सवाल है कि पानी की आपूर्ति कब बहाल होगी.