गोंडवाना संग्राम परिषद द्वारा आदिवासी गुजाराभत्ते के लिए खावटी आक्रोश मोर्चा

मुकुटबन. गोंडवाना संग्राम परिषद झरी जमानी की ओर से आदिवासी ‘खावटी महामोर्चा’ तहसील कार्यालय पर निकाला गया. यह मोर्चा डी. लिड, यू.एस.ए. और राष्ट्रीय अध्यक्ष गोंडवाना संग्राम परिषद के डा. निरंजन मसराम के नेतृत्व में निकाला गया. इस समय तहसीलदार गिरीश जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है.

कोरोना महामारी के कारण, सरकार ने पूरे महाराष्ट्र और देश में लाकडाउन की घोषणा की थी. इसके पीछे सरकार की मंशा जनहित में अच्छी है. हम इसके विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसने आमजनता के हालात बिगड गए है. जिससे अब आमजनों को सड़कों पर जाने के लिए मजबूर किया. आदिवासियों को मिलनेवाला गुजारा भत्ता वितरण असंतोष पैदा हुआ है.

ये मांगें तहसील समिति झरी की ओर से इस अभियान के माध्यम से लोगों की दैनिक जरूरतों और वैध मांगों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हैं. स्कूल, कॉलेज, मिड-स्कूल, दीक्षांत समारोह सभी शैक्षणिक संस्थान शुरू किए जाने चाहिए और लड़कों और लड़कियों को शिक्षा दी जानी चाहिए, आदिवासी किसानों, खेतिहर मजदूरों को बिना किसी बैगर निकषों के खावटी याने गुजारा भत्ता वितरीत करना चाहिए. नागपुर डिवीजन और अमरावती डिवीजन (आदिवासी अनुसूचित क्षेत्र, आदिवासी बहुल क्षेत्र) में, कक्षा 1 से 4 तक के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के माध्यम से गोंडी मातृभाषा में पढ़ाया जाना चाहिए. वनखेती स्वीकृत और अशांति स्वीकृत लंबित दावों को निपटाया जाना चाहिए. किसानों को 24 घंटे बिजली सेवा प्रदान की जानी चाहिए. तहसीलदार को दिए ज्ञापन में गोंडवाना संग्राम परिषद द्वारा कुल 15 प्रमुख मांगें की गई हैं. इस अवसर पर तालुका के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.