जिलाधिकारी के समर्थन में सामाजिक संगठनाएं मैदान में

  • चिकित्सकों के आंदोलन के चलते आयुक्त पहुंचे यवतमाल

यवतमाल. जिले में कोरोना संक्रमण एक ओर काफी तेजी से बढ़ रहा है. वहीं दूसरी ओर चिकित्सा अधिकारियों के साथ ठीक से बर्ताव नहीं करने के कारण राजपत्रित चिकित्सा अधिकारी संगठन (मैग्मो) ने आंदोलन ने जिलाधिकारी एम.डी. सिंह को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर मोर्चा निकालकर प्रदर्शन किया. तो अब दूसरी तरफ सामाजिक संगठना भी जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह के समर्थन में आगे आए है. शहर में विविध संगठनों ने जिलाधिकारी के समर्थन में होर्डींग भी लगाए है.

 इस मामले में अमरावती संभाग के राजस्व आयुक्त पियुष सिंग आज यवतमाल में दाखिल हुए. यवतमाल जिले के चिकित्सा अधिकारियों के साथ अपमानास्पद बर्ताव के चलते यवतमाल दो दिनों से तनाव का माहौल है. जिसकी निंदा करते हुए डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफे देकर जिलाधिकारी एम.डी. सिंह को जब तक हटाया नहीं जाता तब तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी देकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अपने इस्तेफे सौंपे है. दूसरे दिन तहसीलदार व नायब तहसीलदार संगठन ने आंदोलन को समर्थन दर्शाकर माहौल और गर्म कर दिया. यवतमाल के राजस्व यंत्रणा में हलचल मच गई. इस मामले में पूरी जांचपडताल करने के लिए बुधवार की शाम तक आयुक्त और आंदोलनकर्ता डाक्टरों के साथ चर्चा कर उनके बयान दर्ज कर लिए.

जिसके चलते विविध सामाजिक संगठना भी जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह के समर्थन सामने आयी है. शहर में जिलाधिकारी के समर्थन में होर्डींग भी लगाए गए है. जिसमें समतापर्व प्रतिष्ठान के कार्यकर्ता के. एस. नाईक, एन.जे. स्थुल, वी. आर. मालखेडे, श्याम वानखडे, संदीप काकडे, प्रशिक भैसारे, अंकुश पाटिल, श्याम जगताप, जे. डी. मनवर, आनंद देवगडे, सोनू पाटिल, ताफीक खान, रोहण राजू सवईमूल, आफताब हसन शेख, मोबीन खान, शाहरुख पठान, जुबेर अन्सारी, शहीद शेख, ऋषिकेश पवार, सोनू मेश्राम, सागर मानकर, मयुर खुनकर, प्रणव मुन, मयुर चिखलकर, आशीष वनकर, शुभम वाघाडे, अजिंक्य बावने, संदीप तुषार आदि उपस्थित थे.

जिलाधिकारी के समर्थन सामाजिक संगठन आयी आगे

कोविड-19 महामारी के दौरान जिलाधिकारी एम. डी. सिंह के कार्य, जिले के लिए उठाए कदम सराहनीय है. यवतमाल शहर तथा जिले में कोरोना योद्धा चिकित्सक दिन-रात अपनी सेवा दे रहें है. जिससे बेवजह जिलाधिकारी को बदनाम ना करें, ऐसा प्रतिक्रिया समतापर्व प्रतिष्ठान यवतमाल की अध्यक्ष  प्रमोदिनी रामटेके ने दी.

ईमानदारी से काम करना अपराध नहीं है

यह अनुशासन का हिस्सा है. यह आश्चर्य की बात नहीं है कि कोरोना में काम करते समय कुछ अधिकारियों को परेशान किया गया है. हमने कलक्टर को रात-रात भर काम करते देखा है. हम अच्छे पक्ष में हैं. बिना वजह बदनामी न करें, ऐसी प्रतिक्रिया यवतमाल युवा स्वाभीमानी पक्ष के शाम जगताप ने दी.

ईमानदार और अनुशासित अधिकारी एम. देवेंद्र सिंह,

कलेक्टर को एक व्यक्ति की गलती के रूप में नफरत नहीं की जानी चाहिए, बल्कि एक ईमानदार अधिकारी के रूप में देखा जाना चाहिए. यवतमाल को गरीबों के लिए काम करने वाले एक सच्चे अधिकारी के रूप में मिला है. उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. ऐसी प्रतिक्रिया महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष, यवतमाल के नीरज वाघमारे ने दी.

आयुक्त औ मैग्मो के साथ चर्चा,

आयुक्त पीयूष सिंह और मैग्मो के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गायकवाड़ के बीच अवमानना मामले पर चर्चा हुई. हालांकि इस समय सभी बयान दिए गए थे, यह कहा गया था कि संगठन स्थानांतरण की मांग पर अड़ा होने की बात  डॉ. संघर्ष राठोड, डा. आशीष पवार ने जानकारी दी.