सरल, सादगी से मां दुर्गा की प्रतिष्ठापना

यवतमाल. कोरोना के संकट को देखते हुए, कई दुर्गा उत्सव मंडलों ने इस साल घटस्थापना करने का फैसला किया. इन मंडलों ने सादे, सरल बिना बाजेगाजे, बिना गुलाल उधेडे सादगी के साथ मां दुर्गा की रैली से मंडलों ने मंडप में मां दुर्गा की स्थापना की है. 

कोरोना का संकट देखते हुए उत्साह सादगी, सरल और सरकारी नियमों का पालन कर देवी मां की पुजा अर्चना से स्थापना हुई. शहर में 700 होमगार्ड, शहर के सभी पुलिस थानों के पुलिस निरीक्षक अपने दल के साथ शहर में तैनात थे. समूचे जिले में कई सार्वजनिक दुर्गा उत्सव मंडलों द्वारा देवी की स्थापना की जाती थी. गत वर्ष 5 हजार मंडलों ने देवी की स्थापना की थी. हालांकि, इस वर्ष कोरोना के संकट से यह संख्या आधे पर आ पहुंची है. इसवर्ष 2657 मंडलों ने मां दुर्गा तो लगभग 347 मंडलों ने शारदा मां की स्थापना की.

ग्रामीण क्षेत्र में दुर्गा उत्सव मंडलों को पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने से यह संख्या आधे पर आ गई है. प्रतिवर्ष आकर्षक झाकियां बडे उत्साह में देखे जाते थे, लेकिन इस वर्ष ऐसा कोई आयोजन नहीं होगा. लेकिन इस वर्ष सिर्फ मां दुर्गा की स्थापना करने का निर्णय दुर्गा मंडलों ने लिया है. आज सुबह से शहर के कई मंडलों ने  ट्रॉली, टेम्पो, ट्रक, ऑटोरिक्षा से मां दुर्गा की प्रतिमा विधिवत पुजन कर स्थापित की है. मंडलों को सामाजिक दूरी का पालन और सरकारी के सभी नियम का पालन कर नौ दिन यह उत्सव मनाना है.