समृध्द बनाती है वाचन की आदत

अहमदनगर. विभिन्न प्रकार का वाचन करने की आदत हर व्यक्ति को समृध्द बनाती है. पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भी हमेशा युवकों को अच्छे विषयों में वाचन करने का संदेश दिया था. वाचन संस्कृति से देश भी समृध्द होता है.बदलते समय के अनुसार डिजिटल युग में वाचन के माध्यम मे भी बदलाव आया है. इसके बावजूद वाचन संस्कृति कायम है. कोरोना महामारी के संकट की स्थिति में वाचन संस्कृति ने ही मानव को जीना सिखाया है. ऐसा प्रतिपादन आईएमएस संस्था के संचालक डॉ. एम.बी.मेहता ने किया.

1 हजार से अधिक स्पर्धकों ने हिस्सा लिया

बीपीएचई सोसायटी के आईएमएस लर्निंग सेंटर(ग्रंथालय) में पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित वाचन प्रेरणा दिवस कार्यक्रम में डॉ. मेहता बोल रहे थे. इस अवसर पर ग्रंथपाल डॉ.स्वाति बार्नबस उपस्थित थी. वाचन प्रेरणा दिन के उपलक्ष्य में आईएमएस लर्निंग सेंटर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर ई बुक क्विज,  किताब का वाचन आदि उपक्रम किए. 1 हजार से अधिक स्पर्धकों ने इस उपक्रम में भाग लिया.सभी वाचकों ने अपने घरों में ही सुरक्षित रहकर इस उपक्रम का आनंद लिया. अहमदनगर कालेज के प्राचार्य डॉ.आर.जे.बार्नबस ने भी किताब का वाचन कर भाग लिया. कोरोना संकट स्थिति में सुरक्षा नियमों का पालन कर किए गए इस अनोखे उपक्रम की अनेकों ने सराहना की.