पथ्रोट वासियों को दूषित पेयजल आपूर्ति

  • शिवसेना ने ग्रापं पर लगाया लापरवाही का आरोप

पथ्रोट. प्रशासन द्वारा लाखों रुपए खर्च कर जल स्वराज्य योजना के तहत पेयजल की व्यवस्था  की गई है. लेकिन नागरिकों को दूषित जलापूर्ति किए जाने का आरोप नागरिकों द्वारा लगाया जा रहा है. इस मामले में शिवसैनिकों ने ग्राम पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तुरंत उपाय योजना करने की मांग की है. 

नागरिकों की सेहत पर खतरा

पेयजल छोडने वाला काक पूरी तरह गटर में डूबा है जिससे गंदगी युक्त पानी पेयजल में मिलकर यह दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है. नागिरको का आरोप है कि गत कई दिनों से नलों में आने वाला पानी पीला व बदबूदार है. जिससे लोगों की सेहत खतरे में है. पहले ही कोरोना व मौसमी बिमारियों के कहर के बीच अब यह दूषित जलापूर्ति उन्हे और गहरे संकट में डाल रही है. ग्रापं तुरंत इसकी मरम्मत करवाये व गांव वासियों के लिए स्वच्छ पेयजलापूर्ति की व्यवस्था करे. अन्यथा किसी भी नागरिक की सेहत को बाधा पहुंचती है तो इसकी जिम्मेदार ग्रापं होगी. यह चेतावनी शिवसेना उपतहसील प्रमुख प्रमोद डिके ने दी है.