लौटती बारिश ने मचाया कहर, बची खुची फसलों पर मुसीबत

नांदगांव खंडेश्वर. तहसील में लौटती बारिश ने कहर मचाया है. रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण यहां के कृषि क्षेत्र में आफत बरसी.  खेतों में बची खुची सोयाबीन की फसल भी इस बारिश में चौपट हो गई. जिससे अब किसानों पर संकट और गहरा गया है. किसान सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे है. 

इन क्षेत्रों में सर्वाधिक असर

इस बार सितंबर माह में हुई भारी बारिश के कराण सोयाबीन की फसल पहले ही खराब हो चुकी है. सोयाबीन में अंकुल फुट जाने से अधिकांश फसल बर्बाद हो गई. जबकि इससे पहले उड़द और मूंग भी किसानों के हाथ से निकल चुकी है. सोयाबीन पर यलो मोजेक ने भी मुसीबत लायी है, लेकिन किसी तरह किसानों ने अपनी हिम्मत बरकरार रखी.  महंगे कीटनाशक का उपयोग कर बची-खुची फसल को खराब होने से रोका, लेकिन रविवार को दोपहर से देर शाम तक हुई तेज बारिश के कारण खेतों में बची सोयाबीन की फसल अब पूरी तरह खराब हो गई है. कपास, तुअर को भी झटका लगा है. अपनी तैयार फसलों को चौपट होता देख अब किसानों की हिम्मत जवाब देने लगी है. बारिश का सर्वाधिक असर धामक, बेलोरा, सुलतानपुर, चिखली, वाढोना, धानोरा, माहुली, मांजरी, पापल, सहित अनेक गांव के किसानों पर पड़ा है.  

वार्षिक बजट बिगड़ा

पहले बोगस बीजों की मुसीबत उसके बाद तरह-तरह की आपदाओं के बाद अब किसानों के हाथ में उपज भी नहीं आने से उनका वार्षिक आर्थिक नियोजन बिगड़ गया है. तैयार फसलें खराब होने से किसानों के मुंह तक आया. निवाला छिन जाने से उनकी मुसीबत दोगुनी हो गई है. दीपावली जैसा त्योहार अब कैसे मनाएंगे, यह सवाल परिवार पर मंडरा रहा है. अब किसान सरकारी सहायता से उम्मीद लगा रहे है.