वेबसाइड हैंगः दिनभर नतीजा देखने माथापच्ची करते रहे स्टूडेंट-पैरेंटस्,  पश्चिम विदर्भ में 1,58,816 विद्यार्थी उत्तीर्ण

    • दसवीं का 99.98 प्रश रिजल्ट

    अमरावती. कोरोना संक्रमण के कारण पहली बार बगैर एग्जाम दसवीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को दोपहर 1 बजे घोषित किए गए. हालांकि अमरावती विभागीय शिक्षा बोर्ड का नतीजा 99.98 प्रतिशत रहा, लेकिन बेसब्री से प्रतीक्षारत विद्यार्थी दिनभर माथापच्ची करने के बाद भी आनलाइन अपना रिजल्ट देख नहीं पाए. कितने परसेंट मार्क मिले.

    इसकी जानकारी पाने के लिए शाम तक तरसते रहे. नतीजे के मामले में अमरावती विभागीय शिक्षा बोर्ड राज्य में दूसरे स्थान पर रहा. संभाग में अकोला व यवतमाल जिले का रिजल्ट सर्वाधिक 99.99 प्रतिशत लगा. वाशिमस बुलडाना जिला 99.98 प्रतिशत और अमरावती जिले में 99.97 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए.   

    संभाग में 21 विद्यार्थी नापास

    महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अमरावती विभागीय अध्यक्ष शरद गोसावी ने पत्र में बताया कि दसवीं के लिए पांचों जिलों में 1 लाख 58 हजार 839 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था. जिसमें से 1 लाख 58 हजार 837 विद्यार्थियों का मूल्यांकन प्राप्त हुआ. 1 लाख 58 हजार 816 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए. 0.2 प्रतिशत विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए.

    इन विद्यार्थियों ने शाला स्तर पर हुई परीक्षा नहीं दिए जाने से उन्हें शून्य अंकर मिले है. जिससे संभाग में नापास होने वाले इन विद्यार्थियों की संख्या 21 दर्ज की गई है. पत्र परिषद में  शिक्षा बोर्ड सचिव निलीमा टाके व उपसचिव डा. जयश्री राऊत उपस्थित थे.

    कोरोना से 13 विद्यार्थियों की मौत 

    संभाग में दसवीं की परीक्षा में शामिल 13 विद्यार्थियों की मौत हो गई. कोरोना की चपेट में आने से इस वर्ष विद्यार्थियों की मौत की संख्या बढ़ी. दहावी परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद भी जिन विद्यार्थियों ने श्रेणी सुधार योजना अंतर्गत 2021 की दसवीं बोर्ड परीक्षा के लिए आ‍वेदन किया था, उन विद्यार्थियों का नतीजा तैयार नहीं किया गया. जिससे इन विद्यार्थियों को अगली परीक्षा के लिए एक-दो अ‍सर उपलब्ध रहेंगे. 

    11वीं के लिए प्रवेश पूर्व परीक्षा

    प्रति वर्ष विद्यार्थियों को उनके दसवीं के अंकों के आधार पर 11वीं में मनचाहे महाविद्यालय में प्रवेश दिया जाता है, लेकिन इस बार परीक्षा नहीं लिए जाने पर नतीजा घोषित करने से 11वीं में एडमिशन के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रवेश पूर्व परीक्षा ली जाएंगी. इसी परीक्षा के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया चलाई जाएंगी. लेकिन यह परीक्षा विद्यार्थियों के लिए बंधनकारी नहीं रहेंगी. यह परीक्षा गणित, विज्ञान, अंग्रेजी व समाजशास्त्र विषय पर आधारित बहुवैकल्पिक 100 अंकों की होंगी. 

    तकनीकी दिक्कतों दूर करना शुरू 

    तकनीकी दिक्कतों के कारण संपूर्ण राज्य में विद्यार्थियों को आनलाइन रिजल्ट देखने में असुविधा झेलनी पड़ी. यह तकनीकी दिक्कतें दूर करने का काम शुरू है. शाला से विद्यार्थियों को अंक पत्रिका दिये जाने की तिथि अभी तय नहीं हुई है. जल्द से शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय से यह तारीख घोषित की जाएंगी. -शरद गोसावी, अध्यक्ष शिक्षा बोर्ड 

    बार-बार प्रयास में भी नहीं दिखा रिजल्ट 

    दोपहर 1 बजे की प्रतीक्षा में अपना दिल थाम बैठे दसवीं के विद्यार्थियों-अभिभावकों ने रिजल्ट की वेबसाइड पर बार-बार, लगातार प्रयास किए, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी अधिकांश रिजल्ट देख नहीं पाए. इस चक्कर में कुछ विद्यार्थी सायबर कैफे की ओर दौड़ पड़े तो कुछ आनलाइन में निपुण अपने रिश्तेदारों और आस-पडोसियों को रिजल्ट चेक करने की गुहार लगाते देखे गए.

    लेकिन रिजल्ट की वेबसाइड हैंग रहने के कारण विद्यार्थी मन मसोसकर रह गए. पहले ही सालभर ट्यूशन के साथ ही दिन-रात पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के अरमानों पर कोरोना ने पानी फेर दिया, अब बगैर परीक्षा के रिजल्ट कैसे होंगा. यह यक्ष प्रश्न नतीजा घोषित होने के बाद भी कायम है.   

    जिला वार नतीजा 

    जिला           छात्र             छात्रा            प्रतिशत

    अमरावती       20279        18685         99.97

    अकोला         13394         12237         99.99

    यवतमाल       19332         17286         99.99

    वाशिम          10687         8501           99.98

    बुलढाना        21236         17179         99.98