कोरोना मरीजों के साथ लूट खसोट करने वाले निजी अस्पतालों पर अंकुश लगाएं

–  जन प्रतिनिधियों की चेतावनी

– विभागीय आयुक्त के साथ चर्चा

औरंगाबाद. कोरोना संक्रमण के दरमियान शहर के कुछ निजी अस्पतालों ने मनमानी करते हुए मरीजों से लूटखसोट शुरु की है. एमजीएम अस्पताल में मरीजों से मन चाहा पैसा वसूला जा रहा है. ऐसे लूटखसोट करनेवाले निजी अस्पतालों पर जनप्रतिनिधि के नाते हम दबाव डालेंगे. यह चेतावनी औरंगाबाद के सांसदों व विधायकों ने विभागीय आयुक्त सुनील केन्द्रेकर के साथ कोरोना के रोकथाम के लिए मंथन बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी.

शहर में कोरोना के बढ़ते कहर को लेकर जनप्रतिनिधियों के भूमिका पर कुछ अखबारों ने सवाल उठाए थे. जिसके बाद बुधवार को शहर के जन प्रतिनिधियों की एक बैठक सुभेदारी विश्रामगृह पर संपन्न हुई. उस बैठक में गुरुवार को विभागीय आयुक्त केन्द्रेकर के साथ बैठक करने का निर्णय जन प्रतिनिधियों ने लिया था. उस निर्णय के तहत गुरुवार की सुबह सांसद इम्तियाज जलील, सांसद डॉ. भागवत कराड, विधायक अतुल सावे, प्रदीप जैसवाल,  संजय सिरसाठ, अंबादास दानवे, सतीश चव्हाण  के प्रमुख उपस्थिति में विभागीय आयुक्त कार्यालय में बैठक संपन्न हुई.

निजी अस्पतालों के खिलाफ कई शिकायतें

बैठक में कोरोना को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंथन किया गया. उसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जन प्रतिनिधि के प्रमुख के रुप में सांसद इम्तियाज जलील ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच जिन निजी अस्पतालों को कोविड सेंटर बनाया गया है, उन अस्पतालों की मनमानी जारी है. सांसद जलील ने एमजीएम अस्पताल का नाम लेते हुए कहा कि इस अस्पताल द्वारा मरीजों के साथ की जा रही लूटखसोट की कई शिकायतें हमारे पास है. हमारे कुछ पदाधिकारियों ने मरीजों को लगाए गए बिल के बारे में पूछताछ करने पर एमजीएम अस्पताल ने हमें धमकाने के लिए पुलिस के पास शिकायत भी की. निजी अस्पतालों को चेताया कि वे कोरोना महामारी में  मरीजों के साथ लूट खसोट ना करें. वरना, हम सभी जनप्रतिनिधि निजी अस्पतालों पर दबाव डालेंगे.

लाखों रुपए ऐंठ रहे निजी अस्पताल

कोरोना के इलाज के लिए  भर्ती हुए मरीजों से निजी अस्पताल लाखों रुपए ऐंठ रहे हैं. इससे हमने विभागीय आयुक्त व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है. हमारी शिकायतों को केन्द्रेकर ने गंभीरता से लेकर हर निजी अस्पताल में कोरोना मरीजों की समस्याओं को हल करने के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने का फैसला किया है. विशेषकर हर निजी अस्पताल के बाहर बेड की उपलब्धता व कोरोना के इलाज के लिए खर्च होनेवाली रकम की जानकारी बोर्ड पर लगायी जाएगी.  

कल निजी अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ बैठक

निजी अस्पतालों की लूटखसोट पर सभी दलों के जनप्रतिनिधियों ने गंभीर शिकायतें करने पर विभागीय आयुक्त केन्द्रेकर ने शुक्रवार की सुबह शहर के सभी निजी अस्पतालों के प्रमुख अधिकारी व डॉक्टरों के साथ बैठक आयोजित की है बैठक में हम निजी अस्पतालों की मनमानी की सारी शिकायतों को सामने रखकर उन्हें चेतायेंगे.

होटलों में हो क्वारंटाइन की व्यवस्था

शहर के कोरोना संदिग्ध मरीज मनपा के क्वारंटाइन सेंटर में कोरोना होने के डर से वहां जाने से डर रहे है. ऐसे में हमने प्रशासन को शहर के थ्री स्टार, टू स्टार तथा पंचसीतारा होटल में क्वारंटाईन की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है. सांसद जलील ने बताया कि विदेशों से आ रहे लोगों को होटलों  में क्वारंटाईन किया जा रहा है. ऐसे में शहर के नागरिकों को भी होटलों  में क्वारंटाईन करने की  व्यवस्था कराने का सुझाव सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिए जाने की जानकारी जलील ने दी.

सभी को विश्वास में ले प्रशासन

कोरोना महामारी के बीच प्रशासन के अधिकारियों में समन्वयता अब तक नहीं थी. यहीं कारण है कि शहर में कोरोना कहर क्यों बरपा रहा है? इसका मुख्य कारण आज तक सामने नहीं आ पाया  है. प्रशासन में अब तक समन्वयता का अभाव था. प्रशासन ने अब तक जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लेना मुनासिब नहीं समझा. इस पर सभी जनप्रतिधियों ने नाराजगी जताकर कोरोना पर मात देने के लिए सभी को विश्वास में लेने की सलाह प्रशासन को दी है. जलील ने बताया कि केन्द्रेकर ने हमारी सुझाव को सही मानते हुए आगे से जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेने के लिए हामी भरी है.

मराठवाड़ा में परिस्थिति नियंत्रण में 

इससे पूर्व बैठक में विभागीय आयुक्त सुनील केन्द्रेकर ने दावा किया कि मराठवाडा में परिस्थिति नियंत्रण में है. प्रशासन सुविधाओं को लेकर सजग है. घाटी में हाल ही में 20 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए है. मनुष्यबल की आवश्यकता भी पूरी की गई है. शहर में कोरोना मरीज बेहतर होने का प्रमाण 60 प्रतिशत है. घाटी की अधिष्ठाता डॉ. कानन येलीकर ने बताया कि कोरोना बाधित मरीजों की जानकारी रिश्तेदारों को देने के लिए एक खिडकी उपलब्ध कराई गई है. वहां 2 शिफ्ट में कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे. घाटी अस्पताल में अब तक 310 गंभीर कोरोना बाधित मरीज बेहतर हुए है. वर्तमान में घाटी में 192 मरीजों पर इलाज जारी होने की जानकारी डॉ. येलीकर ने बैठक में दी.