MP IMTIYAZ JALIL

    औरंगाबाद. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) में अपनी जान को खतरे में डालकर जनता को सुचारू बिजली आपूर्ति करनेवाले बिजली विभाग के अधिकारी, इंजीनियर, कामगारों को फ्रंटलाइन वर्कर (Frontline Worker) का दर्जा देने की मांग सांसद इम्तियात जलील (MP Imtiyat Jalil) ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) और ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत को पत्र (Dr. Nitin Raut) देकर  की।

    गौरतलब है कि 28 मई को सांसद जलील ने राज्य के सीएम उद्धव ठाकरे से इसी मांग को लेकर पत्र लिखा था। शुक्रवार को औरंगाबाद दौरे पर आए राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. राउत से सांसद जलील ने मुलाकात कर बिजली कामगारों के विविध प्रश्नों  को हल करने के लिए चर्चा करने के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा देने की मांग वाला पत्र सौंपा। जलील ने पत्र में कहा कि राज्य के बिजली कर्मचारी धूप, बारिश से ना डरते हुए दिन-रात बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए कार्यरत है। उसमें गत सवा साल से कोविड महामारी से निर्माण हुई भयंकर परिस्थिति में उन्होंने बिजली निर्मिती, वितरण कार्य में किसी प्रकार की बाधाएं नहीं आनी दी। इसलिए राज्य के अस्पताल, कोविड सेंटर, पेयजल आपूर्ति व घरेलू ग्राहकों को बिजली आपूर्ति सूचारु रही, इसको नकारा नहीं जा सकता।

    कई मांगें सरकार के पास प्रलंबित 

    गत दो सालों से राज्य में आ रहे तूफान में भी बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कड़े परिश्रम कर तूफान से प्रभावित इलाकों में कम समय में बिजली आपूर्ति सूचारु की। कोविड काल में जनता के रोष का सामना करने के साथ ही प्रशासन के आदेश का पालन कर बिजली बिल वसूली करते हुए सरकार को राजस्व प्राप्त कराकर दिया। गत सवा साल में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने फ्रंटलाइन वर्कर के बराबर काम किया। उनकी कई मांगें सरकार के पास प्रलंबित है। उन्हें भी हल करने की मांग सांसद जलील ने ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत से की। अंत में जलील ने तत्काल बिजली अधिकारियों और कामगारों को फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा देकर उनके परिवार के सभी सदस्यों को टीका लगाएं। कोविड के चलते अपनी जान गंवाए बिजली कामगारों के परिवार को 50-50 लाख रुपए अनुदान देने की मांग भी सांसद जलील ने ऊर्जा मंत्री से की।