'One village, one day' venture of Mahavitaran, on-the-spot solution to power problems of 838 villages

    औरंगाबाद. देखभाल, मरम्मत के कार्य और ग्राहकों से संवाद इस उद्देश्य से महावितरण (Mahavitaran) ने शुरु किया ‘एक गांव, एक दिन’ (One Village, One Day) यह उपक्रम औरंगाबाद जिले (Aurangabad District) के 838 गांवों (Villages) में पहुंचा है। महावितरण के इंजीनियर और कर्मचारियों ने सीधे गांव में जाकर एक दिन में बिजली की समस्याओं को हल करने से बिजली ग्राहकों को राहत मिली है। 

    औरंगाबाद प्रादेशिक कार्यालय के सहव्यवस्थापकीय संचालक डॉ. नरेश गिते की संकल्पना से मुख्य अभियंता भुजंग खंदारे के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस उपक्रम में ट्रान्सफार्मर के तेल की स्तर जांचना, अस्त-व्यस्त फैली तारों को सीधे करना, स्पेसर्स बिठाना, बिजली तारों में बाधाएं बननेवाले पेडों के टहनियां तोड़ना, ट्रान्सफार्मर को आर्थिंग देना, डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स का क्लिनिंग और जरुरी मरम्मत, कीटकैट बदलना, जंग खाए हुए खंभे बदलना, खतरनाक सर्विस वायर बदलना आदि 65 हजार 373 काम किए गए। इसके अलावा खराब हुए बिजली मीटर को बदलना, बिजली बिल की रकम सही करना, मीटर घर के बाहर लगाना ऐसे 8,428 काम किए गए। 

    तत्काल नए बिजली कनेक्शन दिए गए

    1,645 ग्राहकों को तत्काल नए बिजली कनेक्शन दिए गए। गांववासियों से संवाद साधकर उन्हें महावितरण की ग्राहक सेवा, मोबाइल एप आदि की जानकारी दी गई। बिजली सुरक्षा के बारे में प्रबोधन किया गया। इंजीनियर सहित गांव में काम करनेवाला जनमित्र, उस गांव के लिए नियुक्त किया हुआ ठेकेदार, मरम्मत के लिए लगनेवाले सभी वस्तुएं गांव में पहुंचने से गांव वासियों में महावितरण पर विश्वास भी बढ़ा है। हर गांव में महावितरण का अधिकारी और कर्मचारी पहुंचा है। ऐसा नियोजन बीते वर्ष की नवंबर माह से किया गया। उसका परिणाम यह हुआ कि छोटे-छोटे गांव में बिजली की समस्याएं हल हुई हैं। गांवों की समस्याएं हल होने से  उसका सकारात्मक परिणाम महावितरण के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हुआ। बिजली से संबंधित शिकायतें कम हुईं। विशेषकर, रबी के फसलों के समय बिजली आपूर्ति सूचारु रखने में महावितरण सफल रहा। इसके अलावा ट्रान्सफार्मर मरम्मत के लिए लगनेवाले ऑइल की आपूर्ति सूचारु हो इसके लिए प्रयास किए गए।