Corona can also be examined in VRDL centers of private medical colleges: Bombay High Court
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तुमसर. स्थानीय सरकारी छात्रावास में शुरू कोरोना सेंटर में महिला मरीज व महिला डाक्टरों की सुरक्षा की ओर अनदेखी करने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जेसीआई अध्यक्ष कल्याणी भुरे ने जिला प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि कोरोना पाजिटिव मिलने पर उसे अपने परिवार से अलग रखा जाता है. ताकि अन्य संक्रमित न हो सके.

सुविधाएं नदारद
इसमें कुछ लोगो के घरों में उचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें कोरोना सेंटर में रखा जाता है, लेकिन वहां की अव्यवस्था के कारण मरीजों की तबीयत में सुधार आना तो दूर और भी बिगड़ते जाती है. एक ओर डाक्टरों की ओर से गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है. वही दूसरी ओर सेंटर में रोगियों को ठंडा पानी पिलाया जाता है. वैसे कोरोना सेंटर में 24 घंटों में 3 डाक्टरों की ड्यूटी होना आवश्यक है. वहां दवा स्टाक नहीं है. डाक्टरों को कोरोना मरीजों की जांच करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है. 

…अन्यथा करेंगे आंदोलन
उन्होंने बताया कि वहां अधिक से अधिक महिला चिकित्सक हैं, उनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. यदि  रात के समय कोई मरीज आता है तो उसकी समुचित व्यवस्था नहीं होती है. भुरे ने प्रशासन द्वारा गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है. अन्यथा भाजपा महिला आघाड़ी द्वारा आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है.