बारिश: इटियाडोह बांध में 25.98% जलसंग्रहण, किसानों को नहरों के पानी की प्रतीक्षा

    लाखांदूर. इस वर्ष के बारिश में इटियाडोह बांध क्षेत्र में अभी तक केवल 635 मिमी बारिश दर्ज की गई है. इटियाडोह बांध में पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत जल संग्रहण कम हुआ है. अभी तक बांध में केवल 25.98 प्रश जलसंग्रहण है. लाभक्षेत्र के किसानों को नहरों में पानी छूटने की प्रतीक्षा है.

    इटियाडोह बांध से 3 जिलों में सिंचाई 

    पूर्व विदर्भ के इटियाडोह बांध के तहत भंडारा, गोंदिया एवं गड़चिरोली सहित 3 जिलों के 4 तहसीलों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. हालांकि इस वर्ष के बारिश में अभी तक बांध क्षेत्र में जोरदार वर्षा नहीं होने से बांध में न्यूनतम जल संग्रहण भी उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई है.

    17,608 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई 

    इटियाडोह बांध के तहत नहरों द्वारा भंडारा, गोंदिया एवं गड़चिरोली इन 3 जिलों के लाखांदूर, अर्जुनी, वडसा एवं आरमोरी आदि 4 तहसीलों के लगभग 17,608 हे. क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. यह सुविधा किसानों को पर्याप्त रूप से उपलब्ध होने के लिए बांध के लाभक्षेत्र के गावों के तहत कुल 55 पानी वापर संस्थाओं का निर्माण किया गया है.

    लाखांदूर में 4677 हे. लाभक्षेत्र 

    इटियाडोह बांध सिंचाई सुविधा के तहत लाखांदूर तहसील में लगभग 4,677 हे. क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. हालांकि इस बांध के तहत पिछले रबी में भी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराए जाने से तहसील के हजारों किसानों द्वारा ग्रीष्मकालीन धान फ़सल का उत्पादन लिया गया है.

    बांध क्षेत्र में अभी तक 635 मिमी  बारिश 

    इस वर्ष के बारिश में अभी तक बांध क्षेत्र में जोरदार बारिश नहीं हुई है.  इटिया डोह बांध में न्यूनतम 33 प्रतिशत जल संग्रहण नहीं हुआ है.  बांध क्षेत्र में केवल अभी तक 635 मिमी बारिश होने से बांध में 25.98 प्रतिशत जल संग्रहण हुआ है. जबकि यह संग्रहण पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत कम होने की जानकारी दी गई है.

    अब तक नहरों में नहीं छोड़ा गया पानी 

    इटियाडोह बांध में इस वर्ष के बारिश में पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने के कारण न्यूनतम जल संग्रहण भी नहीं हुआ है. हालांकि बांध में न्यूनतम जल संग्रहण होने के बावजुद पानी वापर संस्थाओं के तहत किसानों द्वारा नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग किए जाने पर जिलाधिकारी की अनुमति से पानी छोड़ा जाता है. लेकिन इस वर्ष बांध में न्यूनतम जलसंग्रहण से लगभग 8 प्रतिशत जल संग्रहण कम होने से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है.

     धान रोपाई में विलंब 

    इस वर्ष बांध क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने से बांध में आवश्यक जल संग्रहण नहीं हुआ है.  बांध के द्वारा अभी तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है. हालांकि बांध के तहत सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रहे क्षेत्र में किसानों द्वारा इस वर्ष के खरीफ में खेतों में लगाए गए धान नर्सरी रोपाई लायक होने के बावजूद बांध के तहत नहरों में पानी नहीं छोड़ने से लाभक्षेत्र में रोपाई में विलंब होने की जानकारी दी गई है.