स्कूलों को है अनुपयोगी सामग्रियों को नष्ट करने का अधिकार,अब साफ-सुथरे और स्वच्छ दिखाई देंगे स्कूल

    पालांदूर . जिला परिषद स्कूलों को समय-समय पर पढ़ने वाले छात्रों के लिए और स्कूल के लिए आवश्यक विभिन्न सामग्रियां सरकार प्रदान करती है. ये सामग्रियां कुछ वर्षों बाद खराब हो जाती हैं. इस कारण स्कूल अस्वच्छ साहित्य से भरा हुआ दिखता है, लेकिन अब स्कूलों को अनुपयोगी सामग्री के निपटाने का अधिकार दिया गया है, इसलिए स्कूल साफ-सुथरे और स्वच्छ रहेंगे.

    जिला परिषद स्कूल में समग्र शिक्षा अभियान, स्कूल पोषण आहार योजना, सरकारी योजना और डीपीडीसी योजना के तहत साहित्य और सामग्री प्राप्त होती है. यदि सामग्री बेकार हो जाती है, तो उसे डी-राइट करना आवश्यक है, लेकिन ऐसा नहीं होता है, इसके चलते स्कूलों में भारी भंडारण, टूटी मेज, बेंच, रसोई के बर्तन बड़ी संख्या में पड़े रहते हैं. ऐसे में छात्रों के स्वास्थ्य को खतरा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.

    सामग्रियों का सही समय पर सीमांकन न करने के कारण सामग्री का मूल्य ह्रास वर्ष-दर-वर्ष बढ़ रहा है, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हो रहा है. इस कारण यह सामग्रियों को नष्ट का अधिकार स्कूलों को दिया गया है.