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  • वैचारिक मतभेदों के कारण पूरा नहीं हो पा रहा है लक्ष्य

पालांदूर (सं). अंहिसा परमो धर्म, अहिंसा के सहारे मुश्किल से मुश्किल काम आसान हो जाता है.  विश्व में अपने कार्यों के माध्यम विशेष स्थान पाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना गांवों में ही पूरा हो रहा है. पूर्व गृहमंत्री आर. आर. पाटील की संकल्पना के साकार हुई  गांधी तंटामुक्त गांव मुहिम योजना अधिकांश भाग में  अधर में लटकी हुई दिखायी दे रही है.  

स्वतंत्रता के बाद राजनीतिक व्यवस्था में मिली असफसला को देखते हुए सच्चा भारत गांव में ही बसता है. चलो गांव की ओर  नारा देकर गांव समृद्ध करने वाले बापु दूरगामी विचारों वाले राजनीतिक अग्रणियों की निगाहें लगी हुई हैं. करोड़ों रूपए की खर्च की घनराशि अनेक लोकोपयोगी सरकारी योजनों का लाभ लेने के लिए आज भी ग्रामवासियों को करनी पड़ रही है.

पूर्व गृह मंत्री स्व. आर.आर. पाटील की संकल्पना के कारण साकार करी गई महात्मा गांधी तंटामुक्त गांव महिम गांवों के लिए उपयुक्त साब्त हुई थी।  गांव एक कुटुंब विचार साकार होते समय राजनीतिक व्देष के कारण पिछली सरकार के कार्यकाल में इस योजना की ओर से  जानबूझ कर  ध्यान नहीं दिया गया.

खेत धोने के विवाद में सखे भाई अबोल हुए छिटपुट पारिवारिक विवाद के कारण अनेक विवाहित महिलाएं  अपने मायके में ही रह रही हैं, त्याचा सीधा असर गांव के लोगों के जीवन पर पड़ रहा है. मुहिम के आरंभ के काल में अनेक गांव समितियों ने उल्लेखनीय कार्य किये थे.  इस मोहिम की सफलता को देखते हुए इसमें अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा, जिसका परिणाम यह हुआ कि  यह योजना ही ठप्प पड़ गई.