अवैध शराब के खिलाफ़ महिलाएं आवाज उठाएं

बुलढाना. जीवनयापन करते समय महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उनके इन्हीं समस्याओं को सुलझाने के लिए बुलढाना जिला जलापूर्ति भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति के संस्थापक तथा पूर्वराज्यमंत्री

बुलढाना. जीवनयापन करते समय महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उनके इन्हीं समस्याओं को सुलझाने के लिए बुलढाना जिला जलापूर्ति भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति के संस्थापक तथा पूर्वराज्यमंत्री सुबोध सावजी की ओर से महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसमें महिलाओं का अच्छा प्रतिसाद मिला. सम्मेलन में महिलाएं शराब के खिलाफ़ एकजुट होकर आंदोलन करें, ऐसा आह्वान हिरकणी ग्रुप की संस्थापक एड. वृषाली बोंद्रे ने किया. बुधवार को दोपहर 1 बजे स्थानीय गर्दे वाचनालय के सभागृह में हुए इस सम्मेलन की अध्यक्षता एड. वृषाली बोंद्रे ने की.

मान्यवरों ने किया मार्गदर्श
महिला सम्मेलन में बोलते हुए ज्योति ढोकणे ने कहा कि, समाज में इस समय आदर्श मूल्यों का पतन हो रहा है और समाज दिशाहीन हो रहा है. इस समाज को दिशा दिलाने का काम महिलाएं ही अच्छी तरह से कर सकती है. अलका खंडारे ने बताया कि, महंगाई की सबसे अधिक मार केवल महिलाओं पर पड़ती है, इसलिए महिलाओं ने महंगाई के खिलाफ़ संघर्ष करना जरुरी है. एड. शर्वरी तुपकर ने कहा कि, सूखे की सबसे अधिक मार महिलाओं को झेलनी पड़ती है. पानी के लिए महिलाओं को दूर-दूर तक भटकना पड़ता है. सूखे के खिलाफ़ लडने के लिए महिलाएं एकजुट हों, ऐसा आह्वान उन्होंने किया.

महिलाओं के मुद्दों पर गया हूं जेल : सावजी
सुबोध सावजी ने कहा कि 1978 से लेकर 1995 के दौरान महिलाओं के सवालों को लेकर कई बार आंदोलन किए. जिससे मुझे कई बार जेल •भी जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि, पिछले 40 वर्षों से मैं महिलाओं के सवालों को उठाता रहा हूं. ग्रामीण भाग में नये रास्ते बनाने, गांव में पथदीप लगाने, कपास को सही दाम दिलाने, पीने का शुध्द पानी मिलने के मुद्दे पर मैने कई बार मोर्चे निकाले. महिलाओं को अपनी समस्याओं पर अंदोलनरत करने के लिए ही इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है.

मंच पर पूर्व राज्यमंत्री सुबोध सावजी, रजनी शिंगणे, पूर्व जि. प. अध्यक्ष वर्षा वनारे, अनिता रणबावरे, नंदा कायंदे, जि. प. सदस्या एड. जयश्री शेलके, डा. स्वाति वाकेकर, एड. ज्योति ढोकणे, एड. शर्वरी तुपकर, यशोदा चोपडे, आशा सरदार, नंदा पाऊलझगडे, मीनाक्षी हागे, मनीषा पवार, सविता मुंढे, सायली सावजी, लता राठोड आदि उपस्थित थीं.सम्मेलन में महिलाओं के वि•भिन्न मुद्दों पर चर्चा कर आगामी आंदोलन की दिशा •भी तय की गयी.