तेल और दाल की महंगाई बिगाड़ेगी बजट

  • कोरोना काल में बढ़ी आम आदमी की परेशानी

मुंबई. कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में उपभोक्ता मांग कमजोर है, लेकिन इस मंदी में भी खाद्य तेल (Vegetable oils) और दाल (Pulses) कीमतों में तेजी आ रही है. यह महंगाई (Inflation)आम आदमी की परेशानी बढ़ाएगी. क्योंकि कोरोना संकट के चलते लोगों की कमाई पहले से ही कम है. ‍वैश्विक बाजारों में तेजी, अतिवृष्टि से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका और सट्टेबाजी से खाद्य तेल और दाल कीमतों में फिर तेजी का रूख बन गया है. मार्च 2020 से लेकर अब तक जहां खाद्य तेल 5 से 10 रुपए प्रति किलो महंगे हो गए हैं, वहीं दाल कीमतों में 8 रुपए से लेकर 14 रुपए प्रति किलो का उछाल आया है. इस बीच, बुधवार को केंद्र सरकार ने कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए दाल आयात (import) बढ़ाने का निर्णय लिया है.

अतिवृष्टि से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका

व्यापारियों का कहना है कि लॉकडाउन की शुरूआत में आपूर्ति प्रभावित होने से सभी तेल और दालों के दाम बढ़े थे, लेकिन बाद में आपूर्ति सामान्य होने और मांग घटने से कीमतें नीचे आ गई थीं. लेकिन पिछले दो महिनों से फिर तेजी आने लगी है और इस माह तेजी ने जोर पकड़ लिया है. दाल कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह अतिवृष्टि से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है. जबकि इस साल पैदावार काफी अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन अक्टूबर में भी भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है. लातूर, नांदेड़ और हैदराबाद, जो बड़े दलहन उत्पादक क्षेत्र हैं, वहां भारी बारिश से फसल खराब हो सकती है.

15% तक अधिक दालों की खुदरा कीमतें

वाशी स्थित थोक बाजार में तूर दाल कीमतें 110 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो मार्च में 91 रुपए थी. इसी तरह उड़द दाल 85 रुपए से बढ़कर 99 रुपए हो गई है. दाल की थोक और खुदरा कीमतों में 10 से 15% का भारी अंतर भी है. यानी मुंबई के अलग-अलग इलाकों में दुकानदारों के कम या ज्यादा मार्जिन के कारण खुदरा कीमतें 10 से 15% अधिक हैं. हालांकि खाद्य तेल की थोक एवं खुदरा कीमतों में अंतर 3 से 5% ही है.

वैश्विक बाजारों में तेजी से तेल महंगे

खाद्य तेल कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अतिवृष्टि के अलावा इंडोनेशिया और मलेशिया में कीमतें बढ़ना है. इन देशों में कोरोना का प्रकोप वापस बढ़ने पर कई जगह फिर लॉकडाउन किए जाने की खबर से उत्पादन घटने की आशंका है. इसके अलावा सनफ्लावर के बड़े उत्पादक देशों रूस और उक्रेन में फसल कम होने की आशंका है. ‍‍‍वैश्विक बाजारों में तेजी आने का असर यहां भी हो रहा है. क्योंकि भारत अपनी खपत का 65% तक आयात पर निर्भर है. खाद्य तेलों में सनफ्लावर के दाम नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. सनफ्लावर तेल पिछले दो महिनों में करीब 15% बढ़कर 105 रुपए प्रति किलो हो गया है. -तरूण जैन, महामंत्री, खाद्य तेल व्यापारी महासंघ

दाल आयात बढ़ाने से तेजी पर लगेगा अंकुश

सरकार ने दाल का आयात बढ़ाने का फैसला किया है. सरकार की तरफ से चार लाख टन तूर आयात करने की मंजूरी दी गई है. इसके अलावा करीब 1.5 लाख टन उड़द आयात करने की भी इजाजत दी गई है. हाल के दिनों में अरहर और उड़द दाल की कीमतों में ही सबसे ज्यादा तेजी आई है. आयात बढ़ने से तेजी पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है. क्योंकि भारत हर साल अपनी खपत का करीब 20 से 25% आयात करता है. -योगश ठक्कर, दाल व्यापारी