Court rejects ED investigation plea in the case against Jet Airways

मुंबई. विमानन सेवा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि जेट एयरवेज के फिर से खड़ा करने के लिए नए निवेशकों की योजना को ऋणदाताओं की मंजूरी मिल गयी है, लेकिन वित्तीय बोझ से बैठ चुकी निजी क्षेत्र की इस एयरलाइन दोबारा उड़ाना आसान नहीं है।

दिवाला संहिता के तहत राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कार्यवाही में जेट एयर को ऋण देने वाले बैंकों/वित्तीय संस्थानों की समिति ने कालरॉक कैपिटल-मुरारी लाल जलान के गठबंधन की ओर इस एयरलाइन को खरीदने के लिए प्रस्तुत योजना को मंजूरी दे दी है।

विमान उद्योग पर अनुसंधान एवं परामर्श सेवाएं देने वाली कंपनी सीएपीए इंडिया के प्रमुख कपिल कौल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘परिचालन को बहाल करने का रास्ता कठिन और अनिश्चित है।’

उन्होंने कहा कि जेट के कर्जदारों ने जो शर्तें मंजूर की हैं, वह सीएपीए को समझ में नहीं आतीं। अभी यह योजना एनसीएलटी की मंजूरी के लिए रखी जानी है। जेट के बेड़े में एक समय 120 विमान थे, जो इसके बंद होने के समय सिर्फ 16 रह गए थे। मार्च 2019 को खत्म हुए वित्त वर्ष में जेय एयरवेज का घाटा 5,535.75 करोड़ रुपये था।

Jet Airways जल्द भरेगी उड़ान:

जेट एयरवेज के रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने BSE को दी गई जानकारी में बताया कि इस प्रस्ताव पर ई-वोटिंग हुई जिसके बाद इसे मंजूरी दी गई। ई-वोटिंग के जरिये मुरारीलाल जालान और फ्लोरिएन फ्रिट्श (Florian Fritsch) का रेज्योलूशन प्लान 17 अक्टूबर 2020 को मंजूर कर लिया गया। बंद पड़ी जेट एयरवेज को दो कंसोर्शियम से बोलियां मिलीं थीं। पहली बोली में UK की Florian Fritsch की Kalrock Capital और UAE में मौजूद कारोबारी मुरारी लाल जालान शामिल थे। दूसरी बोली हरियाणा Flight Simulation Technique Centre, मुंबई की Big Charter और अबू धाबी की Imperial Capital Investments की ओर से दाखिल की गई थी। रिजोल्यूशन प्रोफेशनल इस योजना को मंजूरी के लिए NCLT के सामने रखेंगे। 

जालान का एविएशन सेक्‍टर में निवेश का पहला अनुभव:

UAE के मुरारी लाल जालान एमजे डेवलपर्स कंपनी के मालिक हैं। उन्‍होंने परिवार के पेपर कारोबार से शुरुआत की थी। उन्‍होंने जेके पेपर और बल्‍लारपुर इंडस्‍ट्रीज के लिए भी काम किया था। उन्‍होंने रियल एस्टेट, माइनिंग, ट्रेडिंग, कंस्ट्रक्शन, एफएमसीजी, ट्रेवल एंड टूरिज्म और इंडस्ट्रियल वर्क्‍स जैसे सेक्टर्स में निवेश किया है। जालान ने यूएई, भारत, रूस और उज्बेकिस्तान समेत कई देशों में अलग-अलग सेक्‍टर्स में मोटा पैसा लगाया है। इस समय उनकी कंपनी कंपनी उज्‍बेकिस्‍तान में रेजीडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्‍ट्स बना रही है। इसके अलावा जालान हेल्‍थकेयर सेक्‍टर से भी जुड़े हुए हैं। एविएशन सेक्‍टर में ये उनका पहला अनुभव है।

कालरॉक कैपिटल ब्रिटेन में लंदन की फाइनेंशियल एडवाइजरी और अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट से जुड़ा कारोबार करती है। यह कंपनी मुख्‍य तौर पर रियल एस्टेट और वेंचर कैपिटल से जुड़ी है। इस कंपनी का वित्‍तपोषण फ्लोरियन फ्रिट्श से हासिल होता है। कालरॉक कैपिटल की वेबसाइट पर दी जानकारी के मुताबिक, कंपनी करीब 20 साल से अल्‍टरनेटिव एसेट क्‍लास में बतौर प्रिंसिपल इंवेस्‍टर और को-इंवेस्‍टमेंट सिंडिकेट के तौर पर निवेश कर रही है। ये कंपनी टेस्‍ला के शुरुआती निवेशकों में एक रही है। इसके अलावा कंपनी ने ऑल माय होम्‍स, बियॉन्‍ड लिमिट्स, बायोटेस्‍ट और डिलिवरी हीरो जैसी कंपनियों में निवेश किया है।