भारत में टर्म इंश्योरेंस प्लान अब भी सस्ते: विघ्नेश शहाणे

  • बढ़ते क्लेम से 20 से 50% बढ़ीं ग्लोबल री-इंश्योरेंस दरें

मुंबई: चाइनीज वायरस कोविड-19 की महामारी के कारण भारत सहित दुनिया भर में लाखों लोगों के चपेट में आने से बीमा दावों (Insurance Claims) में तीव्र वृद्धि हुई है, जिसकी वजह से विश्व स्तर पर री-इंश्योरेंस दरें (Reinsurance Rates) 20 से 50% तक बढ़ गयी हैं। इसका असर भारत के जीवन बीमा उद्योग (Life Insurance Industry) पर भी पड़ा है और यहां भी टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम दरें 20 से 25% बढ़ सकती हैं। एजिस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (Ageas Federal Life Insurance) के प्रबंध निदेशक और सीईओ विघ्नेश शहाणे (Vighnesh Shahane) का कहना है कि दरों में वृद्धि के बावजूद भारत में टर्म इंश्योरेंस प्लान (Term Insurance Plans) अब भी काफी सस्ते हैं।

 कोविड संकट के बाद स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है। 10 लाख से अधिक ग्राहकों वाली एजिस लाइफ इंश्योरेंस को यूरोप के बीमा समूह एजिस (Ageas) और भारत के फेडरल बैंक (Federal Bank) ने प्रमोट किया है और यह 40% की उच्च ग्रोथ दर्ज कर रही है। बीमा उद्योग के बदलते स्वरूप, इंश्योरेंस दरें और कंपनी की ग्रोथ के संबंध में बीमा दिग्गज विघ्नेश शहाणे की वाणिज्य संपादक विष्णु भारद्वाज से विस्तृत चर्चा हुई। पेश हैं उसके मुख्य अंश:  

विगत वर्षों में बीमा उद्योग में क्या बड़े परिवर्तन आए हैं?

ऐसा है कि कोविड महामारी के बाद विगत दो वर्षों में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रति लोगों में अवेयरनेस (Awareness) बहुत ज्यादा बढ़ी है। पहले लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) लोगों को समझाकर बेचना पड़ता था, लेकिन अब लोग इसका महत्व जान गए हैं और खुद आगे आकर इंश्योरेंस ले रहे हैं। कोविड बेड न्यूज थी, लेकिन इससे इंश्योरेंस इंडस्ट्री की ग्रोथ तेज हो गयी है। इस दौरान सभी के खर्चें कम हुए। ‘इंडिया’ के साथ इंश्योरेंस इंडस्ट्री भी तेजी से डिजिटल (Digital) हो गयी। साथ ही बीमा नियामक ‘इरडा’ (IRDA) ने भी कई सराहनीय महत्वपूर्ण कदम उठाए। इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) भी फिर से प्रगति पथ पर आगे बढ़ी। इन सब कारणों से इंश्योरेंस की मांग बढ़ रही है। हालांकि इंश्योरेंस क्लेम भी बढ़ रहे हैं।

इंश्योरेंस क्लेम और टर्म इंश्योरेंस दरों में कितनी वृद्धि देखी जा रही है?

कोविड अवधि में डेथ इंश्योरेंस क्लेम तो 3 से 4 गुना बढ़े हैं। अब नॉन कोविड यानी अन्य गंभीर बीमारियों और रोड एक्सीडेंट के कारण भी क्लेम बढ़ रहे हैं। जिससे बीमा कंपनियों की लागत में इजाफा हुआ है और री-इंश्योरेंस दरें विश्व स्तर पर 20 से 50% तक बढ़ गयी हैं। फिर भी भारतीय बीमा कंपनियां कुछ लागत वहन करते हुए अपनी दरें 20 से 25% ही बढ़ा रही हैं और इस वृद्धि के बाद भी भारत में टर्म इंश्योरेंस प्लान अब भी काफी सस्ते हैं।

वर्तमान में किस तरह के बीमा प्लान की मांग ज्यादा है?

ऐसा है कि लोगों में अब अपनी हेल्थ और लाइफ के प्रति चिंता बढ़ी है। अनिश्चितता के इस दौर में लोग भविष्य के लिए यानी रिटायरमेंट के लिए भी बेहतर और निश्चित इनकम चाहते हैं। इसलिए हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस के साथ-साथ यूनिट लिंक्ड प्लान (ULIPs) और गारंटीड इनकम प्लान (Guaranteed Income Plans) की मांग सबसे ज्यादा है। शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी के कारण यूलिप का आकर्षण बढ़ गया है। निवेश की दृष्टि से यूलिप उत्पादों में एक बड़ी खासियत यह है कि इनमें बीमाधारक को बिना टैक्स और स्विचिंग चार्ज के इक्विटी लार्जकैप, मिडकैप फंड या बांड फंड में स्विच करने का विकल्प भी मिलता है, जिससे वह अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल कर सकता है। प्री-कोविड कुल इंश्योरेंस बिक्री में यूलिप 20% और गारंटीड इनकम प्लान 60 से 70% बिकते थे, जबकि अब दोनों बराबर यानी 45-45% बिक रहे हैं।

इस साल एजिस लाइफ को कितनी ग्रोथ की अपेक्षा है और कौन से नए प्लान लाने की योजना है?

हम पिछले दो वर्षों से इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट 15-20% से कहीं ज्यादा 35 से 40% की ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं और इस साल हमें 50 से 60% ग्रोथ हासिल होने की उम्मीद है। हमें हमारे नए प्रमोटर फेडरल बैंक की देश में फैली 1800 से अधिक शाखाओं के नेटवर्क का लाभ मिलने लगा है। साथ ही हम एजिस लाइफ की शाखाएं 64 से बढ़ाकर 100 कर रहे हैं। एजेंट नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एजेंटों की संख्या दोगुनी कर रहे हैं, जो अभी 12,000 हैं। हम एक नया ऑनलाइन टर्म प्लान और एक डिफर्ड एन्युटी प्लान जल्द लॉन्च करेंगे।