Syami Kher in support of Anurag in sexual abuse case, expressed support by retweeting old tweet

गीता आंब्रे 

मुंबई. अनुराग कश्यप के समर्थन में सैयामी खेर! अनुराग पर नोट शेयर करते हुए सैयामी ने कहा, उन्होंने उसे अपने घर आने के लिए कहा, उसे भरोसा दिलाया कि उसके माता- पिता साथ रहते हैं। अभिनेत्री पायल घोष द्वारा फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के बाद ट्विटर पर अनुराग कश्यप ट्रेंड कर रहे हैं। इसी बीच एक्ट्रेस सैयामी खेर द्वारा जून में लिखा गया एक नोट वायरल हो रहा है। अनुराग कश्यप की हाल ही में आई फिल्म ‘चोक्ड’ की एक्ट्रेस है सैयामी।

नेटफ्लिक्स पर आई फिल्म ‘चोक्ड’ में अनुराग के साथ काम कर चुकीं सैयामी ने अनुराग को लेकर किए गए अपने पुराने ट्टीट को री ट्वीट किया। इसमें उन्होंने अनुराग के बारे में विस्तार से बात की है। अपने नोट में, सैयामी ने लिखा था कि कैसे अनुराग ने उन्हें अपने घर पर मिलने के बारे में सहज महसूस कराया। सैयामी ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर नोट को रीपोस्ट किया।

इस पोस्ट में सैयामी ने लिखा, “जब मैं पहली बार अनुराग कश्यप से मिली, उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया। इससे पहले कि मैं कुछ कहती उन्होंने कहा, मैं अपने मां-पिता के साथ रहता हूं, तुम्हें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।” सैयामी ने आगे लिखा है, वह बॉलीवुड के “बैड बॉय” माने जाते हैं। बाहरी दुनिया के अनुसार उनका जीवन “ड्रग्स, महिलाओं और दोषों से भरा हुआ है” सच ये है कि, मैंने जो भी देखा वो पूरी तरह से उलट था।” 

सैयामी ने इस घटना के बारे में और विस्तार से बताया और कहा, “उनका घर एक सामान्य भारतीय घर की तरह था। उनके माता-पिता न्यूज पेपर पढ़ रहे थे, दरवाजे की घंटी लगातार बज रही थी, श्रीलालजी बढ़ते मेहमानों के लिए खाना बना रहे थे, एक बिल्ली घूम रही थी और अनुराग अपने ही घर में एक शांत कोने की तलाश कर रहे थे।”

फिल्म चोक्ड का जिक्र करते हुए सैयामी ने आगे लिखा, “उनके फिल्म ऑफर करने से लेकर उसे बनकर तैयार होने तक तीन साल लगे। इस दौरान मैंने उन्हें जाना। वह एक दोस्त, संरक्षक और साउंडिंग बोर्ड बन गए थे। आपको पता होता है कि उनके साथ काम करके सब सच जान सकते हैं। जब उन्हें आपका काम पसंद आता है तो, वह नाचने- कूदने लगते हैं, रोने लगते हैं। और अगर ऐसा नहीं होता है, तो बस वह आपको बता देते हैं। उनके पास कोई फिल्टर नहीं है। शायद यही उनका वरदान और अभिशाप दोनों हैं।”