200 करोड के भ्रष्टाचार का मुद्दा गुंजा, महापौर राखी कंचर्लावार की इस्तीफे की मांग

    • मनपा की आमसभा में विपक्षो की मांग 

    चंद्रपुर. भाजपा व कांग्रेस की अभद्र युती से सत्ता में आए महापौर राखी कंचर्लावार के कार्यकाल में वर्ष 2015_16 के वित्तीय वर्ष में कुल 200 करोड के कार्यो में अनियमितता व भ्रष्टाचार होने की बात लेखा परिक्षण के ब्योरे में सामने आने पर यह विषय सोमवार को ली गई मनपा की आमसभा में शोर शराबे में गुंजा. 

    शोरशराबे को देखते हुए तथा किसी भी प्रकार की चर्चा किए बिना महापौर सभा से उठकर कैबीन में चली गई. तत्पश्चात विपक्षों ने महापौर राखी कंचर्लावार के इस्तिफे की मांग करते हुए मनपा परिसर में जोरदार नारेबाजी की. 

    सोमवार की दोपहर 1 बजे महापुरूषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा राष्ट्रगान गाकर सभा को शुरूवात की गई. सभा में महापौर राखी कंचर्लावार, उपायुक्त विशाल वाघ, उपमहापौर राहुल पावडे, स्थायी समिति सभापति रवी आसवानी उपस्थित थे. 

    महापौर राखी कंचर्लावार व तत्कालिन आयुक्त सुधिर शंभरकर के कार्यकाल में 200 करोड के कार्य किए गए. उन कार्यो का लेखा परिक्षण औरंगाबाद की एक टीम ने लेखा परिक्षण किया. जिसमें 71 कार्यो पर आक्षेप पाए गए. टीम द्वारा प्राप्त ब्योरे में करोडों रूपए के कार्य में भ्रष्टाचार होने का आरोप रखा गया था. 

    दोरान सभा में सत्ताधारीयों ने संगणमत कर जानबुझकर 200 करोड के अनियमित कार्य पर चर्चा करनेपर टालमटोल किया जा रहा था. तकनिकी खराबी बताकर आनलाईन उपस्थित पार्षदों की आवाज बंद कर रखी गई थी. इस विषय पर किसी भी प्रकार की चर्चा ना करते हुए कुछ ही मिनटों में सभा समाप्त कर सभा से उठकर कैबिन में चली गई. 200 करोड के भ्रष्टाचार के कार्य पर महापोर कंचर्लावार से जवाब नही मिलने पर शासन ने संपूर्ण मामले में उच्चस्तरीय जांच करने तथा महापौर राखी कंचर्लावार के इस्तीफे की मांग विपक्ष तथा पार्षद पप्पु देशमुख द्वारा की गई. 

    शहर में तिव्र जलसंकट की स्थिति निर्माण होने के बावजुद मनपा ने जलसंकट समस्या केा हल करने के लिए किसी भी प्रकार का कृति प्रारूप तैयार नही किया. केवल 8 टैंकर के भरासे प्रतिदिन 150 से 200 ट्रीप जलापूर्ति की जा रही है. जो की नामुक्कीन है. टैंकर की संख्या नही बढाने से रात_रात लोगों को टैंकर की प्रतिक्षा करनी पड रही है. मनपा प्रशासन के पास टैंकर के लिए नीधि नही है परंतु मनपा की प्रसिध्दी के लिए प्रति वर्ष का 24 लाख रूपए का टेंडर देने हेतु नीधि होने का आरोप पार्षद देशमुख ने किया. मनपा प्रशासन फिलहाल प्रसिध्दी की ओर ध्यान देने का आरोप देशमुख ने किया है. 

    विपक्ष का मनपा समक्ष निदर्शन 

    चंद्रपुर मनपा के वर्ष 2015-16 के लेखापरिक्षण के दौरान पाए गए अनियमितता व भ्रष्टाचार तथा त्रुटीयों के संदर्भ में मनपा प्रशासन ने अत्यावश्यक कार्यवाही करना अपेक्षित था परंतु मनपा प्रशासन ने किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही की. इस संदर्भ में सोमवार को मनपा सभागार में आयेाजित आमसभा में कांग्रेस पार्षदों ने इस मामले की न्यायालयीन जांच कर संबंधितों पर अपराध दर्ज करने की मांग की है.

    इस समय कांग्रेस के विपक्ष गुटनेता सुरेश महाकुलकर, पार्षद नंदु नागरकर, सुनिता लोढीया, प्रशांत दानव, अशोक नागपुरे, विना खनके, सकीन अन्सारी, संगीता भोयर, अली अहमद मन्सुर, ललीता रेवल्लीवार, निलेश खोब्रागडे, कल्पना लहामगे, देवेंद्र बेले, कुशल पुगलिया, पप्पु देशमुख ने मनपा समक्ष निदर्शन किया.