52 प्र.श. ओबीसी समाज को 52 प्र.श. आरक्षण की मांग

चंद्रपुर. राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की संवैधानिक मांगों के लिए आज जिलाधीश कार्यालय, पूर्व वित्त राज्यमंत्री सुधीर मुनगंटीवार और क्षेत्रीय विधायक किशोर जोरगेवार के घर के समक्ष थाली बजाओ आंदोलन किया गया। राष्ट्रीय ओबीसी समन्वयक डा. अशोक जिवतोडे और महासचिव सचिन राजुरकर के नेतृत्व में चंद्रपुर में, चिमूर, ब्रम्हपुरी, पोंभूर्णा समेत जिले भर की तहसील में भी आंदोलन कर अंत में निवेदन सौंपा गया।

2021 में होने वाली जातिनिहाय जनगणना केंद्र सरकार न कर रही तो राज्य सरकार महाराष्ट्र में जातिनिहाय जनगणना करें, ओबीसी समाज के आरक्षण में मराठा समाज को समाविष्ट न करें, केंद्र में ओबीसी का स्वतंत्र मंत्रालय स्थापित करें, ओबीसी समाज के विद्यार्थियों के लिए पृथक छात्रावास शुरु करें, ओबीसी आर्थिक विकास महामंडल के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर करें, एस.सी., एस.टी की भांति सभी पाठ्यक्रम में 100 प्र.श. छात्रवृत्ती लागू करें, ओबीसी किसान, खेतिहर मजदूरों को आयु के 60 वर्ष बाद पेंशन लागू की जाये, स्वायत्ता संस्था को जनसंख्या के आधार पर निधि उपलब्ध कराये, गैर आदिवासी लोगों को वनपट्टे के लिए तीन पीढी की शर्त शिथिल की जाये, ओबीसी कर्मचारियों को पदोन्नती में आरक्षण, ओबीसी का बैकलाग पूर्ण करने जैसी अन्य मांगों के लिए आज ओबीसी महासंघ के बैनर तले थाली बजाओ आंदोलन किया। आंदोलन में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के बबनराव फंड, बबनराव वानखेडे, डा. सुरेश महाकुलकर, नंदू नागरकर, प्राचार्य सुर्यकांत खनके, सचिन भोयर, योगेश बोबडे, गणेश आवारी, विनोद शेरकी, हरडे, दिवसे, प्रदीप पावडे, रमेश ताजने के साथ भारी संख्या में समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

चिमूर में एसडीओ को निवेदन सौंपने वालों में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ तहसील शाखा चिमूर के अध्यक्ष गजानन अगडे, सचिव राम खडसंगे, कीर्ति रोकडे, किशोर भोयर,प्रकाश झाडे, अशोक वैद्य, रामदास कामडी, धर्मदास पानसे, कवडु लोहकरे, राजेंद्र लोनारे, दिलीप डुकरे, ईश्वर डुकरे, रविंद्र उरकुडे, पटवारी कोहपरे, जर्नाधन केदार, नरेंद्र बंडे, श्रीकृष्ण जिल्हारे, सभापति लता पिसे, पंस सदस्य भावना बावनकर, उषा हिवरकर आदि का समावेश है।

पोंभूर्णा में ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप दिवसे, कार्याध्यक्ष वसंत भोयर, उपाध्यक्ष अभिय आपटे, सचिव सुधाकर ठाकरे, पांडुरंग पिंपलकर, पार्षद मोहन चलाख, अशोक सातपुते, मनोज बुरांडे, लंबोधर वउस्कर, व्यंकटस्वामी चलाख, दादा घोरपडे, सुरेंद्र येलीचपुरवार, अमोल माथनकर, नितीन भत्ता, कार्तिक ताजने, रिवंद्र कामीडवार के साथ बडी संख्या में ओबीसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।