Wholesale-Inflation

    चंद्रपुर. रोटी, कपड़ा व मकान यह मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है. भागदौड़ की जिंदगी में इन सभी बातों पर ध्यान देने के लिए कई बार पापड़ बेलने पड़ते हैं यह सभी जानते है. पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि से वाहनों से यहां-वहां घूमना मुश्किल हो गया है. मगर परिवार की सभी जरूरतों को पूर्ण करने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है और पैसों के लिए काम करना पड़ता है.

    पेट्रोल व डीजल के भाव में वृद्धि होने से नौकरी पर वाहन से जाना असंभव हो रहा है. साथ ही जीने के लिए भोजन चाहिए, परंतु खाना बनाने के लिए उपयोग में लाया जाने वाला गैस सिलेंडर दिनोंदिन महंगा होने से सर्वसामान्य नागरिकों पर बड़े पैमाने पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. आर्थिक तनाव के कारण मानसिक तनाव निर्माण होने से जीना कठिन हो गया है.

    पिछले वर्ष मार्च से कोरोना महामारी के कारण लाकडाउन लगाने से सामान्य नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो गया. कोरोना के कारण पहले से महंगाई बढ़नी शुरू हो चुकी थी. इस बीच दिनोंदिन बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल एवं गैस सिलेंडर की कीमतों ने गरीब जनता की कमर तोड़कर रख दी है. गरीब व आम जनता के लिए परिवार का निर्वाह करना मुश्किल हो गया है. पार्टी कोई भी चुनाव के पूर्व बड़े-बड़े आश्वासन दिए जाते हैं और लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया जाता है, परंतु सत्ता पर आने के बाद सभी आश्वासन खोकले साबित हो जाते है. सभी राजनीतिक एक समान होते हैं. 

    सरकार महंगाई को नियंत्रित करें

    जिस रूप में महंगाई बढ़ रही है उसे देखते हुए सामान्य जनता को इस संकट से निकालने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है. उनके लिए मानसिक बोझ निर्माण हो गया है. कोरोना के बीच लोगों की जीवनशक्ति कम होती जा रही है. विभिन्न बीमारियों ने लोगों को घेर लिया है. इससे सरकार ही मुक्ति दिला सकती है. सामान्य जनता को इस संकट से बाहर निकालकर उनके जीवनस्तर में सुधार लाने की आवश्यकता है. महंगाई को नियंत्रित करना जरूरी है. जनता एक ही मांग कर रही है सरकार किसी भी तरह से महंगाई को नियंत्रण में लाये.