Locking 2 hospitals - absence of doctors, resentment among villagers

भद्रावती. तहसील के चोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर के अभाव के चलते मरीजों पर उचित उपचार नहीं हो पा रहा है. वहीं गांव का पशु वैद्यकीय अस्पताल भी शोपीस बना हुआ था. इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा. जिससे नाराज ग्रामीणों ने सरपंच गणेश दोडके के नेतृत्व में दोनों अस्पतालों को ताला ठोक दिया. आंदोलन के कारण अधिकारियों में हड़कंप मच गया.

मरीजों का नहीं हो रहा उपचार
सरपंच दोडके ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चोरा, चिचोली, गुलगांव, वडेगांव, सावरी, विसापुर, पाचगांव आदि गांव आते हैं. चोरा गांव की आबादी करीब 3,500 हैं. मानसून के दिनों में संक्रमण की बीमारी को ध्यान में लेकर स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता बढ़ती है. किंतु यहां के स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर ही उपस्थित नहीं रहते. केंद्र का कारभार अन्य कर्मी  चला रहे हैं. जिसके कारण मरीजों पर उचित उपचार नहीं हो पा रहा. मरीजों को इलाज के लिए शहर के अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है. कई बार इस चक्कर में मरीजों के परिजनों पर आर्थिक भार बढ़ जाता है.

पशु वैद्यकीय अधिकारी भी नहीं
सरपंच दोडके ने बताया कि गांव के पशु वैद्यकीय अस्पताल की हालत भी काफी खराब है. यहां पिछले 9 महीनों से वैद्यकीय अधिकारी के बिना अस्पताल चला रहा है. अस्पताल में केवल चपरासी ही नजर आता है. अस्पताल में पशु वैद्यकीय अधिकारी नहीं होने से गांव के मवेशियों पर उपचार नहीं हो पाता. मानसून के दिनों में मवेशियों को कई तरह की बीमारियां होती हैं.

इस दौरान खेतों में काम शुरू रहता है. किंतु डाक्टर नहीं होने किसान मवेशियों का उपचार नहीं करा पा रहे. इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं देने के कारण दोनों अस्पतालों को ताला ठोका गया. मांग पूरी नहीं होने तक ताला नहीं खोलने की चेतावनी ग्रामीणों ने दी.