Opportunity to create history in second match, Virat kohli and Rohit sharma eyes on these 9 records

    मुंबई. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल से पहले मैच अभ्यास में कमी विराट कोहली के लिए बड़ी चिंता की बात नहीं है, लेकिन पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिलीप वेंगसरकर का मानना​ है कि इससे भारतीय कप्तान को ‘ परेशानी’ का सामना करना पड़ सकता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जून से खेले जाने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल के लिए कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम गुरुवार को इंग्लैंड पहुंचने के बाद साउथम्पटन में तीन दिनों के कड़े पृथकवास पर है। न्यूजीलैंड की टीम डब्ल्यूटीसी से पहले इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेल रही है। 

    भारत के लिए 116 टेस्ट खेलने वाले वेंगसरकर ने कहा कि कोहली और रोहित बहुत अच्छी लय में हैं लेकिन प्रतिस्पर्धी मैचों की कमी के कारण दौरे की शुरुआत में डब्ल्यूटीसी फाइनल में उनका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। वेंगसरकर ने कहा, ‘‘ वह (कोहली) लंबे समय से टीम के साथ है और मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है। कोहली और रोहित विश्व स्तरीय खिलाड़ी है और उन्हें अपने प्रदर्शन और भारत की जीत पर गर्व होता होगा।” चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे वेंगसरकर से जब इस मुकाबले के लिए कोहली की अहमियत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी बात यह है कि दोनों शानदार लय में है। मुझे लगता है कि मैच अभ्यास की कमी उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। मुझे लगता है कि कम से कम दौरे के शुरुआती टेस्ट में ऐसा हो सकता है।”

    उनका मानना है कि न्यूजीलैंड की टीम फायदे में होगी क्योंकि वह पहले से ही वहां खेल रही है। वेंगसरकर ने कहा, ‘‘ भारत एक बेहतर टीम है और शानदार लय में है। न्यूजीलैंड के साथ फायदे की बात यह है कि उनकी टीम ज्यादा सुर्खियों में नहीं रहती है और इस मुकाबले (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल) से पहले उन्हें दो टेस्ट मैच खेलने को मिल रहे हैं।” वेंगसरकर ने कहा, ‘‘ यह ध्यान देने वाली बात है कि न्यूजीलैंड की टीम थोड़े फायदे में है। वे यह मुकाबला (डब्ल्यूटीसी फाइनल के) शुरू होने से पहले ही दो टेस्ट मैच खेलेंगे हैं जिससे परिस्थितियों से सामंजस्य बैठा सकेंगे।”

    इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि भारतीय टीम को इस टेस्ट (डब्ल्यूटीसी फाइनल) से पहले दो-तीन मैच खेलने चाहिये थे ताकि परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढाल सकें।” उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों की तरह गेंदबाजों को भी मैच अभ्यास की जरूरत है। वेंगसरकर ने कहा, ‘‘बल्लेबाजों के साथ-साथ गेंदबाजों के लिए भी मैच खेलने और मैदान में समय बिताने की सलाह दी जाती है। आप भले ही नेट अभ्यास करते हो और मैच की परिस्थितियों के बारे में जानते हो लेकिन मैदान पर मैच खेल कर समय बिताने से हमेशा फायदा होता है, अब चाहे यह अभ्यास मैच ही क्यों ना हो।” (एजेंसी)