Gautam Gambhir opted for first Test against England - XI, Hardik Pandya out

    -विनय कुमार

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) बीते कुछ समय से टेस्ट क्रिकेट को दिलचस्प बनाने और इसमें रोमांच बढ़ाने को लेकर नए नए प्रयोग कर रहा है। इसी की कोशिश में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का पहला ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप’ भी हो रहा है। ‘आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021’ का पहला फाइनल मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंग्लैंड के साउथैम्पटन के मैदान पर संपन्न होगा। हालांकि बारिश के कारण आज शुरू होने वाला यह ऐतिहासिक मैच सही वक्त पर आरंभ नहीं हो सका। इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धाकड़ सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने टेस्ट क्रिकेट को और ज्यादा  रोमांचक बनाने के लिए एक बड़े नियम को बदलने का सुझाव दिया है।

    धाकड़ बल्लेबाज रहे गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का मानना है कि अगर टेस्ट क्रिकेट में क्रिक्रेटप्रेमियों की दिलचस्पी बढ़ानी है, तो ICC को क्रिकेट के इस फॉर्मेट से टॉस खत्म कर देना चाहिए और गेस्ट टीम, यानी विदेश के दौरे पर आई टीम को इस बात का पहला मौका दिया जाना चाहिए कि वो बल्लेबाजी और गेंदबाजी में से जो भी चुनना चाहे चुन सकता है। गौतम गंभीर ने यह बात ‘Sports Tak’ के मेगा क्रिकेट कॉन्क्लेव (Mega Cricket Conclave) शो ‘सलाम क्रिकेट 2021’ में कही।

    गंभीर ने कहा, “अगर आप पिछले 5 साल के  टेस्ट क्रिकेट का रिकॉर्ड (recent years Test Cricket records) देखें, तो ज्यादातर टीमों को उनके होम ग्राउंड में हराना लगभग नामुमकिन होता है। भारत और इंग्लैंड की टीम को उनके होम ग्राउंड में हराना लगभग नामुमकिन रहता है। इंग्लैंड की टीम भारत आकर (India vs England Test Series in India) हार जाती है, तो वहीं भारतीय टीम  भी इंग्लैंड में हार का सामना करती है। इससे समझ में आता है कि असल में कोई भी टीम ‘वर्ल्ड चैम्पियन’ (World Test Champion) नहीं है। अगर आपको टेस्ट मैच के प्रति फैन्स की रूचि बढ़ानी है, तो टॉस के नियम (toss rules) को खत्म करना होगा, जिससे मेज़बान टीम का होम ग्राउंड का फायदा खत्म हो जाएगा।”

    गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया की टीम को लेकर कहा कि अब वो, वह टीम नहीं रह गई है, जो किसी भी परिस्थिति में जाकर शानदार खेलती थी। उन्होंने टॉस खत्म करने से दौरे पर गई गेस्ट टीम को होने वाले फायदों के बारे में भी बताया। 

    उन्होंने कहा, “अगर आप टॉस का नियम खत्म करते हैं, तो मैच (Test Cricket) के दौरान हमें बेहतर पिच देखने मिलेगी, जो कि आखिरी दिन तक मैच में अहम रोल निभाएगा। अगर मेहमान टीम (guest teqm) से टॉस की बजाय, उनकी इच्छा पूछी जाएगी (option to choose batting or bowling) तो टीमों का पिच और घरेलू परिस्थितियों का बहाना देना बंद हो जाएगा। इससे आपको बेहतर स्तर की क्रिकेट (better Cricket) भी देखने को मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो शायद इंग्लैंड (Team India) की टीम अपने होम ग्राउंड पर खेलते हुए पिच पर घास छोड़ना भी बंद कर देगी, वहीं शायद भारत में भी कम टर्निंग ट्रैक देखने को मिले।”

    इस मौके पर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने ‘आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप’ की ‘ODI WORLD CUP’ से तुलना करने वाले बयानों की आलोचना की और कहा कि इन दोनों की तुलना करना ठीक नहीं होगा। क्योंकि, ‘ODI WORLD CUP’  4 साल में एक बार होता है, जबकि ‘ICC World Test Championship’ के तहत हर साल सीरीज खेली जानी है। मुझे लगता है कि बेहतर करने वाली टीम इस मैच (WTC) को जीतेगी।