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स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को जब कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) ने इस बार जब आईपीएल 2020 के ऑक्शन में 4 करोड़ रुपए में लिया तो क्रिकेट की दुनिया में हैरानी देखने को मिली थी।

-विनय कुमार

स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को जब कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) ने इस बार जब आईपीएल 2020 के ऑक्शन में 4 करोड़ रुपए में लिया तो क्रिकेट की दुनिया में हैरानी देखने को मिली थी। पिछले सीज़न 2019 में काफी महंगे साबित हुए वरुण चक्रवर्ती को  टीम में शामिल किया था। अबकी बार सीज़न 13 में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ IPL 2020 के आठवें  मैच में खेलने का मौका मिला। इस मैच में वरुण चक्रवर्ती ने टीम के कप्तान दिनेश कार्तिक का दिल जीत लिया। उन्होंने सनराइज़र्स हैदराबाद (SRH) के कप्तान डेविड वॉर्नर का बड़ा विकेट ले लिया।

पिछले सीज़न किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) में थे


गौरतलब है की, सीज़न-12, यानी 2019 में वरुण चक्रवर्ती किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) की तरफ से खेले थे। पंजाब (KXIP) ने उन्हें 8।4 करोड़ रुपए में खरीदा था। हैरत की बात ये थी कि इतने महंगे खिलाड़ी को पंजाब ने सिर्फ एक मैच में खेलने का मौका दिया। उस मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ ही उनके पहले ओवर में 25 रन लग गए थे। 3 छक्के और 1 चौका लगा था। वडंबना देखिये कि उसी कोलकाता ने उन पर विश्वास दिखाया और अबकी बार के ऑक्शन में खरीद लिया। वरुण चक्रवर्ती ने ने सनराइज़र्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 4 ओवर में 25 रन देकर 1 विकेट अपने नाम किया।

वरुण को ‘मिस्ट्री स्पिनर’ क्यों कहा जाता है ? 
शायद आप जानते ही हों कि, वरुण चक्रवर्ती को ‘मिस्ट्री स्पिनर’ कहा जाता है। असल में, उनका एक्शन और उनकी बॉलिंग ही कुछ ऐसी होती हैं कि बल्लेबाज आसानी से उन्हें समझ नहीं पाता है। यूं तो वरुण तमिलनाडु की तरफ से खेलते हैं और अच्छे बैट्समैन भी हैं। दिलचस्प बात ये है कि 13 साल की उम्र तक वो विकेटकीपर-बैट्समैन थे। ख़बरों के मुताबिक स्कूल के दिनों में तो वरुण ने क्रिकेट खूब खेला। लेकिन, कॉलेज में आए तो खेलना छोड़ दिया। वरुण चेन्नई से आर्किटेक्ट कि पढ़ाई कर रहे थे। ग्रेजुएशन करते एक कंपनी में नौकरी भी करते थे।

वरुण तेज़ गेंदबाज़ से स्पिनर कैसे बने ? 
आर्किटेक्ट बनने की दिशा में वरुण को अचानक क्रिकेट ने फिर अपनी ओर खींचा। लेकिन, यहां भी क्रिकेट के मैदान ने उनकी कड़ी परीक्षा ली। मैदान पर एक बार फिर लौटे तो स्पिनर से तेज गेंदबाज बन गए। खेलने के दरम्यान घुटने में चोट लगी तो करियर पर ब्रेक लगता दिखा। इंजरी ठीक हुई तो उन्होंने स्पिन बॉलिंग शुरू कर दी। काफी कुछ बदलना पड़ा, लेकिन उन्होंने क्रिकेट नहीं छोड़ा। उनकी शानदार गेंदबाजी के कारण कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने सनराइज़र्स हैदराबाद (SRH) को 142 रन के स्कोर पर ही रोक दिया और मैच अपने नाम करने में कामयाब रही।