63 गेंदों में 120 जड़ने वाला IPL का स्टार कहां है आज ?

-विनय कुमार

आईपीएल T20 को 12 सीज़न बीत चुके हैं और 13 वां सीज़न का टूर्नामेंट ज़ोरों पर है. क्रिकेट की दुनिया के कई नामचीन  खिलाड़ी आईपीएल के शुरुआती सीजन में खेलते दिखे. कुछ बल्लेबाज़ों ने विस्फोटक और तूफानी पारियां खेलीं तो कुछ । कुछ खिलाड़ियों ने तूफानी मैच खेले. शुरूआती दौर के कुछ धाकड़ बल्लेबाज़ आज भी क्रीज़ पर बने हुए हैं, उनका बल्ला अभी भी जमकर बोल रहा है. कई तो संन्यास ले चुके. लेकिन कुछेक ऐसे खिलाड़ी भी हुए जो आकाश में बिजली की तरह चमके पर अचानक गायब भी हो गए. उन्हीं में से एक की चर्चा की जा रही है.

2011 के सीज़न में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में एक युवा बल्लेबाज था, जो उसी बिजली की तरह आया, ज़ोरदार चमका और चला गया. एक तूफानी विस्फोटक पारी ने उसे रातों-रात स्टार बना दिया था. उस खिलाड़ी का नाम है पॉल वल्थाटी.

धुआंधार 120 
आईपीएल सीज़न 4 का टूर्नामेंट शवाब पर था, 13 अप्रैल 2011 को चेन्नई सुपर किंग्स ने मोहाली में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 189 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस पहाड़ जैसे स्कोर को देख किंग्स इलेवन पंजाब के फैंस ने टीम से चेन्नई सुपर किंग्स से जीत की उम्मीद छोड़ दी थी. लेकिन, एडम गिलक्रिस्ट के साथ पारी की शुरुआत की पॉल वल्थाटी ने. 

मैदान पर उतारते ही उनका बल्ला पागल हो गया, और बल्ले ने रनों की बरसात शुरू कर दी. वल्थाटी ने सिर्फ 52 गेंदों पर शतक जमा दी. उन्होंने सिर्फ 63 गेंदों में 120 रन ठोके थे. इस 120 रन के भण्डार में 19 चौके और 2 धमाकेदार छक्के भी शामिल हैं. पॉल वल्थाटी ने स्टायरिस से लेकर आर.अश्विन और मोर्केल जैसे धाकड़ गेंदबाज़ों को जमकर धोया था. उन्होंने आईपीएल 2011 के सीजन में 14 मैच खेले और 463 रन बनाए थे.

अब कहां हैं पॉल वाल्थाटी ?
पॉल वॉल्थाटी आईपीएल के 5वें  सीज़न यानी 2012 में बल्लेबाजी नहीं कर पाए. इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का उनका सपना कलाई में लगी गंभीर चोट की वजह से टूट गया. चोट इतनी गंभीर थी की उस चोट से वो जल्दी उबार नहीं पाए और उसी कारण फिर फॉर्म में लौट नहीं सके. फिलहाल, पॉल वल्थाटी एयर इंडिया के लिए खेलते हैं और एयर इंडिया के लिए काम करते हैं.

हाँ, 2018 में पॉल वल्थाटी मुंबई T20 टूर्नामेंट में दिखाई दिए थे, लेकिन वह अपना जलवा दोहरा नहीं पाए. वल्थाटी के तूफानी अंदाज़ को देखकर क्रिकेटप्रेमियों को उम्मीद थी कि वो निकट भविष्य में टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं. लेकिन यह नहीं हो पाया. भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया.

2001 में वल्थाटी को मुंबई रणजी ट्रॉफी टीम के लिए चुना गया था. और अगले साल उन्हें अंडर-19 क्रिकेट में खेलने का मौका भी मिला. बांग्लादेश के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में उन्हें चोट लगी थी और तब से वो  कभी भी रणजी ट्रॉफी में भी नहीं खेल सके. 2012 में कलाई की चोट के कारण पॉल वल्थाटी आईपीएल से बाहर हो हो गए. उन्होंने 28 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास ले लिया.