RSS का हिस्सा होने पर गर्व महसूस नहीं होता : मिलिंद सोमन

मुंबई. बॉलीवुड एक्टर मिलिंद सोमन अपने फिटनेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहते है। आज भी 54 की उम्र में वह किसी भी नौजवान से कम नहीं लगते है। हाल ही में मिलिंद सोमन अपनी किताब 'मेड इन इंडिया' को लेकर

मुंबई. बॉलीवुड एक्टर मिलिंद सोमन अपने फिटनेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहते है। आज भी 54 की उम्र में वह किसी भी नौजवान से कम नहीं लगते है। हाल ही में मिलिंद सोमन अपनी किताब ‘मेड इन इंडिया’ को लेकर काफी चर्चा में आए है। मिलिंद सोमन ने अपनी किताब मै बचपन की कुछ बाते बताई है। इसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बारे बताया। मिलिंद सोमन 9 साल की उम्र में ही आरएसएस का हिस्सा बन गए थे। साथ ही वह मुंबई के शिवाजी पार्क में शाखा के लिए जाते थे।

मिली हुई जानकारी के मुताबिक, मिलिंद सोमन अपनी किताब में उन दिनों का ज़िक्र भी किया है, जब वो आरएसएस की शाखा में जाया करते थे। उन्होंने लिखा, "मुझे मेरे पिता ने जबरदस्ती आरएसएस का हिस्सा बनाया था। मैं इस बात से बेहद नाराज था। मैं बचपन से ही मस्त रहने वाला था लेकिन, मेरे पिता ने मुझे जबरदस्ती इन गतिविधियों में बाकी बच्चों के साथ धकेल दिया। मैं कभी भी आरएसएस का हिस्सा नहीं होना चाहता था।

उन्होंने आगे बताया कि, मेरे पिता आरएसएस के सदस्य थे इसलिए वह अपने आपको गौरवान्वित हिंदू मानते थे। लेकिन, मुझे कभी भी ऐसा कुछ नहीं लगा, जिसके बारे में मैं गौरवान्वित हो सकूं। हालांकि, मेरे पिता को यह लगता था कि, आरएसएस का हिस्सा बनने से युवाओं को अनुशासित जीवन, शारीरिक फिटनेस और अच्छी सोच जैसे कई लाभ मिलेंगे। "लेकिन, बदलते वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है। आज शाखा को लेकर मीडिया में जो सारी बाते सामने आती है, उनसे मैं काफी हैरान हूं। "

मिलिंद सोमन ने शाखा के दिनों को याद करते हुए बताया, " हर हफ्ते शाम 6 से 7 बजे के बीच शाखा के बारे में मेरी यादें पूरी तरह अलग हैं, हम शाम को वहां खाकी शॉर्ट्स में मार्च करते थे, योग करते थे, आउटडोर जिम में कुछ फैन्सी इक्विपमेंट के साथ थोड़ा वर्कआउट करते थे।साथ ही संस्कृत के मंत्र पढ़ते थे, हालांकि, इन सब का हमें मतलब भी नहीं पता होता था।