‘विश्व शाकाहार दिवस’ पर जानें शाकाहारी खानपान का महत्व

विश्वभर में आज यानि 1 अक्टूबर को विश्व शाकाहार दिवस मनाया जाता है। हमारी ज़िंदगी में खानपान का बहुत महत्त्व है। वहीं शाकाहारी होना और भी ज़्यादा अच्छा होता है। किसी भी प्रकार के वायरस के संक्रमण (Viral Infection) से बचने के लिए शाकाहार भोजन सही विकल्प माना जाता है। जैसा की सबको पता है स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से लेकर कोरोना (Corona) का संक्रमण फैलाने में जानवर की अहम भूमिका रही है। जिससे कई लोगों की जान तक चली गई है। इसलिए माना जाता है कि शाकाहार भोजन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। 

विश्व शाकाहारी दिवस का इतिहास-

विश्व शाकाहारी दिवस यानि वर्ल्ड वेगन डे 1 अक्टूबर, 1977 में पहली बार यूके वेगन सोसाइटी ने मनाया था। साल 1944 में वेगन सोसायटी की स्थापना हुई थी, जिसकी 50 वीं वर्षगांठ पर वेगन सोसायटी के अध्यक्ष ने अक्टूबर की पहली तारीख को यादगार बनाने और लोगों में शाकाहारी आहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वेगन दिवस को हर साल मनाने की घोषणा की। शाकाहारी दिवस मनाने का एक कारण भेदभाव भी था। क्योंकि उस समय वेगंस को डेयरी उत्पादों का उपभोग करने की अनुमति नहीं थी। जिसके विरोध में उन्होंनें अंडे का सेवन करना बंद कर दिया और फिर 1951 में ये एक शाकाहारी आंदोलन बन गया है। तब से हर साल 1 अक्टूबर को पूरी दुनिया में शाकाहार को प्रोत्साहित करने के लिए जागरुकता अभियान चलाए जाते हैं। 

क्यों मनाते हैं विश्व शाकाहारी दिवस?

दुनियाभर के लोगों को शाकाहारी खाना खाने के लिए प्रेरित करने और इसके फायदे बताने के लिए वर्ल्ड वेजिटेरियन डे की शुरुआत हुई। इसका लक्ष्य लोगों को यह भी समझाना था कि वेजिटेरियन डाइट नॉनवेज फूड से ज़्यादा हेल्दी होती है। वेजिटेरियन डाइट बॉडी में अधिक फैट नहीं बढ़ाती और हृदय रोगों का खतरा कम करती है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार-

 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार पिछले 50 सालों में 70 फीसदी वैश्विक बीमारियां जानवरों के कारण फैली है। वहीं ऐसे कई शोध से यह पता चलता है कि हृदय रोग (Heart Diseases) और कैंसर (Cancer) जैसी बीमारियों का खतरा कम करने के लिए वेजिटेरियन डाइट का सेवन करना ही सही होता है। ऐसे में खाने में फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाकर इन बिमारियों से दूर रह सकते हैं और अपनी ज़िंदगी में बदलाव ला सकते हैं। 

भोजन के दो प्रकार-

मुख्य रूप से भोजन के दो प्रकार होते हैं, शाकाहार भोजन और मांसाहार भोजन। बहुत से लोगों का मानना होता है कि मांसाहार भोजन में कई ज़्यादा प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। जितना पोषक तत्व मांस खाकर मिलता है ठीक वैसे ही शाकाहारी भोजन में शाक-सब्जियों में मिलता है। मांसाहारी भोजन के अपेक्षा शाकाहारी भोजन जल्द पच भी जाता है और इसका सेवन करने से इंसान कई बिमारियों से दूर भी रहता है।