शराबबंदी अधिक मजबूत करने पर चर्चा, विहिरगाव में बैठक

गडचिरोली. जिले की शराबबंदी अधिक मजबूत करने के लिए देसाईगंज तहसील के विहीरगाव में सामाजिक कार्यकर्ते  व गाव के प्रतिष्ठीत नागरिकों की बैठक संपन्न हुई. जिले के विकास हेतु शराबबंदी आवश्यक होकर हम किसी भी हालात में शराबबंदी नहीं हटाने देंगे, ऐसा मत बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने व्यक्त किया. शराबबंदी के साथ ही गाव के विकास कामों पर चर्चा की गई.

बैठक में सामाजिक कार्यकर्ते डा. आनंद बंग, डा. मयूर गुप्ता, जिप सदस्य रमाकांत ठेंगरे, शराबबंदी समिती अध्यक्ष गोपीनाथ ठाकरे, पूर्व सरपंच गरमाडे, पुलिस पटेल संजय पत्रे, गुरुदेव सेवा मंडल के जनार्धन मेश्राम, पेसा अध्यक्ष लालाजी दडमल, रामभाऊ ठाकरे, सिंघाडे, संगठन सदस्य पद्मिनी माटे, मुक्तीपथ तहसील संगठक भारती उपाध्ये आदी उपस्थित थे.

नशे पर अधिक खर्च

तुम्हारे गाव में सरकार के माध्यम से विभिन्न विकास काम शुरू हो रहे है. जिससे गाव का विकास होकर सभी को रोजगार मिलेगा. मात्र गाव में शराबबिक्री शुरू रहने पर विकास कामों को मंजूर निधी से अधिक पैसे नशे पर खर्च होगा. जिससे जिले में व गाव में शराबबंदी आवश्यक है, ऐसा डा. आनंद बंग ने इस समय कहा. बैठक में गाव में शराबबिक्री शुरू होने की समस्या महिलाओं ने रखने पर डा. मयूर गुप्ता ने पेसा कानून अंतर्गत तुम्हारे गाव को विशेष अधिकार प्राप्त है. इस अधिकार का उपयोग कर गाव विकास कर पाएंगे. गाव की शराबबिक्री कायम स्वरूप बंद हो सकती है. इसके लिए गाव ने पहल करने का आह्वान डा. गुप्ता ने किया.

शराबबंदी के साथ गाव विकास पर चर्चा

इस समय शराबबंदी मजबूत करने के लिए कृती कार्यक्रम तैयार किया गया. गाव संगठन के माध्यम से गाव से शराब नष्ट करना. जिले की शराबबंदी अधिक मजबूत करने के लिए हर व्यक्ती ने सहभाग देना चाहिए. शराबबंदी से जिले का लाभ ध्यान में लेते हुए कुल 850 गावों ने शराबबंदी के लिए पहल की है. इसमें देसाईगंज तहसील के सम्पूर्ण गावों का सहभाग है. शराबबंदी अधिक मजबूत करने के लिए क्या किया जा सकता है. पेसा कानून अंतर्गत गाव का अधिकार, मेरा गाव मेरी सरकार संकल्पना, गाव में फिर से तंमाकूजन्य पदार्थ की बिक्री करनेवालों पर दंडात्मक कार्रवाई करना, आदि विषयों पर चर्चा की गई.