अहेरी उपविभाग का मार्ग बदहाल, वाहनधारकों को हो रही परेशानी, दक्षिण गड़चिरोली की सड़कें तोड़ रही दम, जानलेवा सफर करने नागरिक मजबूर

    गड़चिरोली. अहेरी उपविभाग के सड़कें इन दिनों बदहाल दिखायी दे रही हैं. अहेरी उपविभाग के अहेरी-एटापल्ली, अहेरी-भामरागढ़ व अहेरी-सिरोंचा मार्ग पूरी तरह खस्ताहाल हो गया है. जिससे वाहनधारकों को वाहन चलाते समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मगर इस ओर लोकनिर्माण विभाग की ओर से पूरी तरह से अनदेखी हो रही है.

    जिससे परिसर के नागरिकों में संबंधित विभाग के प्रति काफी असंतोष निर्माण हुआ है. वहीं  वाहनधारक समेत यात्रियों को मजबूरी में जानलेवा सफर करना पड़ रहा है. जिससे संबंधित विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल उपविभाग की सड़कों की मरम्मत करें, ऐसी मांग अहेरी उपविभाग के नागरिकों ने की है.

    5 तहसीलों के नागरिक हुए त्रस्त

    अहेरी उपविभाग में 5 तहसीलों का समावेश है. जिनमें अहेरी, सिरोंचा, भामरागढ़, मुलचेरा और एटापल्ली इन तहसीलों का समावेश है. नक्सलग्रस्त अहेरी उपविभाग वर्तमान स्थिति में कई समस्याओं से जूझ रहा है. इसमें सबसे बड़ी समस्या अहेरी उपविभाग की सड़कें बनी हुई हैं. अहेरी मुख्यालय से एटापल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर तो जहां-तहां बड़े-बड़े गड्ढे निर्माण हो गए हैं. इसके साथ ही सड़क पर पत्थर उखड़े हुए हैं. यही स्थिति अहेरी उपविभाग के अहेरी-भामरागढ़ व अहेरी-सिरोंचा इन मार्गों की है. सिरोंचा व भामरागढ़ यह तहसीलें महाराष्ट्र के अंतिम छोर पर बसी हुई हैं. इन परिसर के नागरिकों को सरकारी अथवा निजी कार्य के लिए प्रतिदिन अहेरी में आवागमन करना पडता है, किंतु इस परिसर के मार्ग बदहाल होने से इस परिसर के नागरिकों का समय व्यर्थ जाने से वह समय पर नही पहुंच पाते हैं.

    जनप्रतिनिधि, प्रशासन की अनदेखी

    विदित हो कि अहेरी उपविभाग की सड़कें पूरी तरह खस्ता होने के कारण पिछले अनेक वर्षो से इस उपविभाग के नागरिकों को जानलेवा सफर करना पड़ रहा है. वहीं खस्ता सड़कों के  चलते अनेक बार दुर्घटनाएं भी घटी. जिसमें लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है. इस गंभीर मामले की ओर ध्यान देकर अहेरी उपविभाग की सड़कों की मरम्मत करने की इस क्षेत्र के नागरिकों द्वारा की जा रही है.

    मगर इस मांग की ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधि अनदेखी करते दिखाई दे रहे हैं. जिसका खामियाजा अहेरी उपविभाग के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. जिससे तत्काल सड़कों की मरम्मत करने की मांग अब जोर पकड़ रही है.