Corona Vaccine Updates: Pharmacist sentenced to three years for destroying vaccines in America
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    गोंदिया. कोरोना के खिलाफ संघर्ष में टीकाकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है. कोवैक्सीन व कोविशील्ड इस टीके का डोज दिया जा रहा है. जिन्होंने पहला डोज कोविशील्ड का लिया उन्हें दूसरा डोज भी कोविशील्ड का ही दिया जा रहा है. एक जैसे डोज देने से उसकी परिणाम कारकता भी अच्छी दिखाई देती है. जिससे कोविशील्ड का डोज लेने वालों को दूसरा डोज कोवैक्सीन का देने से उसका परिणाम बहुत अधिक दिखाई देने की संभावना कम है. जिससे अलग-अलग टीके के डोज लगाने की अनुमति या सूचना भी स्वास्थ्य यंत्रणा को प्राप्त नहीं हुई है.

    कोरोना टीका में कॉकटेल किया तो उसके विपरीत परिणाम भी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. इसे लेकर आयसीएमआर ने भी इस संदर्भ में कोई मार्गदर्शन सूचना नहीं दी. जिससे कोरोना टीका का कॉकटेल नहीं हो. ऐसी राय जिले के विशेषज्ञों डाक्टरों ने दी है. वहीं जिले में जिन्होंने पहला डोज कोवैक्सीन का लिया उन्हें दूसरा डोज भी कोवैक्सीन का ही दिया जा रहा है.

    अलग-अलग डोज देने की घटना जिले में कहीं नहीं घटी है. उन नागरिकों को जिन्होंने पहला डोज जिस टीके का लिया है उसे वहीं डोज दिया जाए. इसके लिए पूर्णत: सावधानी ली जा रही है. इसी तरह टीकाकरण केंद्र भी अलग-अलग किए गए हैं. जिससे नागरिकों को में भ्रम निर्माण न हो. कर्मचारियों को भी टीकाकरण करते समय परेशानी नहीं होगी.

    टीकाकरण में वरिष्ठ नागरिक आगे 

    जिले में कोरोना प्रतिबंधक टीकाकरण कुल 140 केंद्रों पर किया जा रहा है. अब तक 2 लाख 40 हजार 936 नागरिकों का टीकाकरण किया गया है. इसमें वरिष्ठ नागरिक ही आगे है. 45 से 60 इस आयु वर्ग में कुल 81 हजार 851 नागरिकों ने टीका लगाया है. जिला शल्य चिकित्सक डा. अमरीश मोहबे ने कहा कि कोरोना को प्रतिबंधित करने वर्तमान में टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है.

    जिले में कोवैक्सीन व कोविशील्ड डोज दी जा रही है. जिन्होंने टीके का पहला डोज लिया है. उन्हें उसी टीके का दूसरा डोज दिया जा रहा है. टीके अलग अलग डोज देने से उसका असर दिखाई नहीं देगा. इसी तरह अलग अलग डोज देने संदर्भ में अब तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैसी सूचना नहीं दी है. इसी कडी में डा. भुमेश पटले का कहना है कि कोराना से नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है, इन्हीं सब बातों को विचार में लेकर कोरोना प्रतिबंधात्मक टीके का निर्माण किया गया है. आयसीएमआर की सूचना के अनुसार जिन्होंने जिस टीके का पहला डोज लिया है उसी का दूसरा डोज दिया जा रहा है.