Farmers protest

नयी दिल्ली. किसानों का आंदोलन (Farmers Agitation) आज किस तरफ रुख करेगा इसका पता आज लग सकता है। गौरतलब है कि ‘भारत बंद’ (Bharat Bandh) के बाद बीती रात, किसान नेताओं और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मुलाकात में मोदी सरकार  (Narendra Modi) का स्पष्ट रुख दिख रहा है कि वह कृषि कानून वापस नहीं लेगी। लेकिन सरकार, अब किसानों के एक प्रस्ताव देगी, जिसपर किसान नेता आपस में चर्चा करेंगे। आज अगर किसान इस प्रस्ताव को मान लेते हैं तो शायद किसानों का तह आंदोलन शायद खत्म हो सकता है।

खबर है की उक्त लिखित प्रस्ताव किसानों को सुबह 11 बजे तक सरकार की ओर से मिल जाएगा। इसके बाद आन्दोलनरत किसानों की चर्चा सिंधु बॉर्डर पर ही दोपहर 12 बजे तक  बैठक होगी, जिसमें इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी और आगे की कार्यों पर विचारिक मंथन होगा।

कैसी रही अमित शाह संग किसानों की बैठक:

इधर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार की रात हुई बैठक विफल रहने के बाद सरकार और किसान यूनियनों के बीच आज  प्रस्तावित छठे दौर की वार्ता अधर में लटक गई है। हालांकि, सरकार की ओर से बुधवार की वार्ता के संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है लेकिन शाह के साथ हुई बैठक के बाद कुछ किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित बैठक में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। इन नेताओं ने कहा कि सरकार के लिखित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद ही अगले कदम पर निर्णय लिया जाएगा। 

क्या कहा किसानों ने:

मंगलवार करीब आधी रात को समाप्त हुई बैठक के बाद अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा, ” शाह जी ने कहा कि सरकार जिन संशोधनों के पक्ष में हैं उन्हें कल लिखित में देगी। हम लिखित संशोधनों को लेकर सभी 40 किसान यूनियनों से चर्चा करने के बाद बैठक में शामिल होने के बारे में फैसला लेंगे।” वहीं, शाह के साथ हुई बैठक में शामिल रहे किसान नेता दर्शन पाल ने कहा, ” हमारी मांगों को लेकर केंद्र सरकार कल लिखित प्रस्ताव देगी ।।।। केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच बुधवार को कोई बैठक नहीं होगी।” 

क्या रहा बैठक का हाल:

इससे पहले, 13 किसान नेताओं को शाह के साथ इस बैठक के लिए बुलाया गया था। बैठक रात आठ बजे आरंभ हुई। किसान नेताओं में आठ पंजाब से थे जबकि पांच देश भर के अन्य किसान संगठनों से जुड़े थे। सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी किसानों से जारी वार्ता का नेतृत्व करने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश भी राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, पूसा में हुई बैठक में मौजूद रहे। छठे दौर की वार्ता कल  हुए ‘भारत बंद’ के बाद प्रस्तावित थी। किसानों के कल के ‘भारत बंद’ को ट्रेड यूनियनों, अन्य संगठनों और कांग्रेस सहित 24 विपक्षी दलों का समर्थन मिला। अब तक सरकार और किसानों के बीच हुई पांच दौर की वार्ता में कोई सफलता नहीं मिली है। सरकार कानूनों में संशोधन की इच्छा जता चुकी है और कई तरह के आश्वासन भी दे चुकी है, लेकिन किसान संगठन नए कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हैं।