Government should not ignore Ladakhites on Chinese incursion: Rahul Gandhi

नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में चीनी सैनिकों की कथित घुसपैठ से जुड़ी खबरों की पृष्ठभूमि में बुधवार को सवाल किया कि क्या सरकार इसकी पुष्टि कर सकती है कि चीन का कोई सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल नहीं हुआ? उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘क्या भारत सरकार इसकी पुष्टि कर सकती है कि चीन का कोई सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल नहीं हुआ?” गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लगभग एक महीने से चले आ रहे गतिरोध के संदर्भ में बुधवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिक ‘‘अच्छी खासी संख्या में” आ गए हैं और भारत ने भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।

सिंह ने कहा कि भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच छह जून को बैठक निर्धारित है। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत अपनी स्थिति से पीछे नहीं हटेगा। वहीं, कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि लद्दाख में चीनी सैनिकों की कथित घुसपैठ को लेकर सरकार देश को सच्चाई बताए और जनता एवं राजनीतिक दलों को विश्वास में लें। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यह भी कहा कि इस मामले में सरकार जो भी नीति अपनाएगी, कांग्रेस उसका पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार से कहना चाहते हैं कि हम आपके साथ खड़े हैं। आप चीन को लेकर कोई भी नीति अपनाएंगे, चाहे वह आक्रामक नीति होगी या फिर बातचीत की नीति होगी, हम आपके साथ खड़े रहेंगे। लेकिन आप तथ्य को छिपाते रहेंगे, तोड़ते-मरोड़ते रहेंगे तो हम सवाल पूछते रहेंगे।”

उन्होंने कहा, ‘‘इस बात को छिपाने और देश को बरगलाने के लिए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ओर से अजीबो-गरीब स्पष्टीकरण दिया गया कि मंत्री का बयान वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़ी अलग-अलग धारणाओं के बारे में था और उनकी बात को इस तरह से पेश किया गया मानों चीन की सेना हमारे क्षेत्र में हैं।” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि तथ्यों को छिपाना राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ मजाक है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के सामने सच बताना चाहिए और राजनीतिक दलों, खासकर मुख्य विपक्षी पार्टी को विश्वास में लेना चाहिए। खबरों के अनुसार, एलएसी पर भारत की तरफ गलवान घाटी और पैंगोंग त्सो क्षेत्र में चीनी सैनिक अच्छी-खासी संख्या में डेरा डाले हुए हैं। एजेंसी