देश के पहले CDS बिपिन रावत 31 जनवरी को लेंगे शपथ

नई दिल्ली: 31 जनवरी को भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद की शपथ लेंगे। जिसके बाद उन्हें तीनों सेनाओं को आदेश देने के अधिकार प्राप्त हो जाएंगे। वह

नई दिल्ली: 31 जनवरी को  भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद की शपथ लेंगे। जिसके बाद उन्हें तीनों सेनाओं को आदेश देने के अधिकार प्राप्त हो जाएंगे। वह देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बनने वाले हैं। साथ ही वह आज यानी 31 दिसंबर 2019 को भारतीय सेना प्रमुख के पद से सेवा-निवृत्त भी हो रहे हैं।  

1.क्या होगी CDS कि जिम्मेदारी:
 
  • मूल रूप से CDS का काम देश की तीनों सेनाओं में तालमेल को बैठना हैं। इस काम को पूरा करने के लिए सैन्य मामलों का विभाग (Department Of Military Affairs) का गठन होगा जिसके प्रमुख CDS यानी  बिपिन रावत होंगे। 
  • इनकी दूसरी जिम्मेदारी चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष की होगी। जिसमें CDS की भूमिका सेनाओं के ऑपरेशंस में आपसी तालमेल और उसके लिए वित्त प्रबंधन पर ध्यान रखना होगा। 
  • जहां तीनों सेना से जुड़े मुद्दों कि बात होगी वह CDS रक्षा मंत्री के प्रिसिंपल मिलिट्री एडवाइजर भी होंगे। 
 
2. क्या है CDS कि जरुरत:
करगिल युद्ध के बाद वर्ष 2001 के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GOM) ने ऐसा पाया कि तीनों सेनाओं के बीच तालमेल कि कमी हैं। अगर तीनों में समन्वय होगा तो यह सेनाओं के लिए फायदेमंद है और देश का कम नुकसान होगा। उस समय ही CDS के पद का सुझाव दिया गया लेकिन राजनीतिक सहमति से ऐसा हो न सका। 
जिसके बाद इसी वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का नया पद बनाने कि घोषणा की थी। उसी समय  सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को देश के पहले CDS बनाने का कयास लगाया जा रहा था । 
 
CDS तीनों सेनाओं के प्रशासनिक मुद्दों पर फैसला ले सकते है लेकिन वह कोई मिलिट्री कमांड नहीं दे पाएंगे। साथ ही CDS पदसंभालने के बाद वह किसी सरकारी पद पर नहीं रह पाएंगे। CSD के रूप में वह 3 साल तक पद संभालने वाले हैं ।