Jammu Airforce Station Attack
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    जम्मू कश्मीर। जम्मू हवाई अड्डा (Jammu Airport) परिसर में स्थित वायुसेना स्टेशन (Airforce Station) पर रविवार को विस्फोटकों से लदे दो ड्रोनों के गिरने के बाद धमाके हुए। इस मामले में एनआईए ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन दोनों को जम्मू के बेलीचारना इलाके से पकड़ा गया है। दोनों पर आतंकी संगठनों को मदद करने का आरोप है।

    मीडिया खबरों के अनुसार इन दो ड्रोनों के निशाने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और MI-17 हेलीकॉप्टर थे। इसका मतलब यह है कि ड्रोन अपने निशाने से चूक गए। सूत्रों की माने तो एक ड्रोन में लगभग पांच किलो टीएनटी विस्फोटक और दूसरे ड्रोन में इससे कम विस्फोटक था।

    पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने जम्मू के सतवारी इलाके में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर रात के अंधेरे में दो बम गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जिससे एक इमारत को मामूली नुकसान हुआ और दो वायुसेना कर्मी घायल हो गए। 

    देश का रक्षा और आंतरिक सुरक्षा तंत्र पिछले दो से तीन वर्षों से छोटे और रिमोट से नियंत्रित मानव रहित यानों द्वारा उत्पन्न खतरों के बारे में बात करता रहा है। पाकिस्तान प्रायोजित सशस्त्र ड्रोनों को भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियां द्वारा निष्प्रभावी करने की कभी कभार घटनाएं होती रही हैं।         

    इस बीच एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने घायल जवानों से बात की। बता दें कि इस दौरान भदौरिया  कि इस ड्रोन धमाके में दो जवान मामूली रूप से घायल हुए हैं। IAF ने कहा कि दोनों जवान निगरानी में हैं और ठीक हैं।

    बताया जा रहा है कि यह ब्लास्ट एयरफोर्स स्टेशन के टेकनिकल एरिया में हुआ, जहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अलावा एमआई हेलीकॉप्टर और दूसरे ऐसे उपकरण हैं जिनसे एयर सर्विलांस की जाती है।