पलायन ने बढाई मुश्किल, कोरोना को रोकने के प्रयास हो सकते है विफल

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को प्रसार को रोकने के लिया और थर्ड स्टेज में जाने से बचाने के लिए देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लगा दिया हैं. लेकिन इस के बाद बड़े शहरों में काम करने आए मजदूरों और दिहाड़ी कमाने

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को प्रसार को रोकने के लिया और थर्ड स्टेज में जाने से बचने के लिए देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लगा दिया हैं. लेकिन इसके बाद बड़े शहरों में काम करने आए मजदूरों और दिहाड़ी कमाने वाले लोगों के ऊपर आजीविका का सवाल खड़ा होगया हैं. जिसके कारण पूरे देश में अपने घर और गाँव जाने के लिए लोगों ने पलायन शुरू कर दिया हैं. जिसके कारण केंद्र के साथ राज्य सरकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इसी के साथ कोरोना वायरस के रोकने लिए गए प्रयास विफल को विफल कर सकता हैं. 

काम नहीं होने के कारण पलायन 
लॉक डाउन के वजह से देश के अंदर हर कारखाना, निर्माण कार्य को बंद कर दिया गया हैं. जिससे लोगों के सामने खाने और रहने का सवाल खड़ा हो गया हैं. जिसके कारण सभी ने अपने घरों और राज्यों में वापस जाने का निर्णय लिया हैं. देश में अधिकतर प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से आते हैं. जो रोज काम कर के कमाते और खाते हैं. लॉक डाउन के वजह से इन सभी के पास काम नहीं रहा, जिसके कारण ना तो वह लोग रहने का भाड़ा दे सकते हैं और न ही अनाज खरीद कर खा सकते हैं. इसलिए सभी अपने गाँव की ओर लौट चले हैं. 


दिल्ली-यूपी बॉर्डर में लाखों की भीड़ 

मजदूरों के पलायन सबसे ज्यादा दिल्ली से हो रहा हैं. जहां दिल्ली शहर के हर कोनों से लोग यूपी बिहार जाने को निकल चुके हैं. लॉक डाउन के कारण कोई भी साधन नहीं होने के कारण लोग पैदल ही अपने गंतव्य पर जाने के लिए निकल चुके हैं. जिसके कारण दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर लाखों लोगों की भीड़ जमा हो गई हैं. वहीँ पैदल जाते लोगो को दिल्ली सरकार डीटीसी बसों में बिठाकर बॉर्डर पर छोड़ रही हैं. 

सभी बढे शहरों के एक हाल 
यह पलायन सिर्फ राजधानी दिल्ली से नहीं, बल्कि पूरे देश के बड़े शहरों से हैं. मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदरबाद, शिमला, जयपुर, अहमदाबाद में लोगों की सड़को पर भीड़ लगी हुई हैं. हजारों किलोमीटर दूर अपने घर पहुँचने के लिए लोग निकल गए हैं. 

सरकारों की बढ़ी चिंता 
मजदूरों के एक साथ पलायन के  वजह से राज्य सरकारों की चिंता बढ़ा दी हैं. लोगों का एक साथ घरों से निकलने के वजह से और साथ में रहने के कारण कोरोना से संक्रमण होने का खतरा बढ़ा गया हैं. इस भीड़ में अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हुआ तो उसके वजह से मौजूद सभी लोग संक्रमित हो जाएगे. इसी के साथ कोई संक्रमित अपने गाँव और प्रदेशों में पहुंचा तो वह अपने परिवार के साथ सभी को संक्रमित कर देगा. जिसको बाद में संभालना मुश्किल हो जाएगा.

सरे प्रयास हो जाएंगे विफल
देश में शुरू इस पलायन के वजह से कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए किए उपायों को मुश्किल में डाल दिया हैं. इन प्रवासियो से कोई भी संक्रमित हुआ तो वह सभी को संक्रमित कर देगा. अगर ऐसा हुआ तो फिर स्तिथि को संभालना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जायेगा. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने जल्द से जल्द नहीं रोका तो सारे  प्रयास विफल हो जाएगे. इसके बाद देश के सामने कोई विकल्प नहीं बचेगा.