उत्तर भारत में गर्म हवाओं का प्रकोप जारी, 10 जुलाई तक बारिश का अनुमान

    नयी दिल्ली: मॉनसून के आगमन में देरी के चलते बृहस्पतिवार को भी उत्तर भारत में गर्म हवाओं का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 10 जुलाई तक बारिश संबंधी हवाएं पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लेंगी। दिल्ली में पड़ रही भीषण गर्मी से शहरवासियों को राहत नहीं मिल रही है। राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्यियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा था। दिल्ली में बृहस्पतिवार को इस महीने चौथे दिन लू चली। 

    मौसम विभाग ने शुक्रवार को शहर में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है।  वहीं, पंजाब और हरियाणा के लोगों को गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। दोनों राज्यों में कई स्थानों पर बृहस्पतिवार को पारा सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया गया।  मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा के गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री अधिक है। इसके अलावा अंबाला, हिसार और करनाल में भी अधिकतम तापमान क्रमश: 40.8 डिग्री, 42.8 डिग्री और 39.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री तक अधिक है। 

    इसी प्रकार राज्य के नारनौल और रोहतक में भी अधिकतम तापमान क्रमश: 43.3 डिग्री और 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में अधिकतम तापमान क्रमश: 40 डिग्री, 39.3 डिग्री और 41.4 डिग्री रहा जो सामान्य से छह डिग्री अधिक है। वहीं बठिंडा में सामान्य से तीन डिग्री अधिक 40.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

    राजस्थान में भी गर्म हवाओं का दौर जारी रहा। राज्य के किसी भी जिले में बारिश नहीं दर्ज की गई। 44.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद पिलानी में 43.2 डिग्री सेल्सियस, चुरू 43 में डिग्री सेल्सियस, अलवर में 42.8 डिग्री सेल्सियस, धौलपुर 42.5 में डिग्री सेल्सियस और पाली में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। 

    उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण गुरुवार को एक कंक्रीट का पुल ढह गया, जिससे राज्य के बाकी सीमावर्ती जिलों से दारमा, व्यास और चौदास घाटियों का संपर्क टूट गया। पुल भारत-चीन सीमा के करीब टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलगर नदी पर बनाया गया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी से नम पूर्वी हवाएं चलने लगी हैं। इनके 10 जुलाई तक पंजाब और उत्तरी हरियाणा को कवर करते हुए उत्तर पश्चिम भारत में फैलने की संभावना है।

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के पश्चिम उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ और हिस्सों और दिल्ली में 10 जुलाई के आसपास आगे बढ़ने की संभावना है। अगले पांच दिनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में व्यापक बारिश का अनुमान है।