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    शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मूसलाधार बारिश (Heavy Rains) के कारण अचानक आई बाढ़ (Flood) में कम से कम 9 लोगों की मौत की आशंका है और सात लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि कुल्लू जिले में चार व्यक्तियों और चम्बा में एक व्यक्ति की मौत होने की आशंका है। लाहौल-स्पीति में तीन लोगों की मौत हो गई और सात लोग लापता हैं।

    उन्होंने कहा कि कुल्लू में मणिकरण के पास पार्वती नदी की सहायक नदी ब्रह्मगंगा में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण 26 वर्षीय पूनम और उसका चार वर्षीय बेटा निकुंज बुधवार सुबह करीब सवा छह बजे उसमें बह गए। उन्होंने बताया कि एक अन्य महिला और एक पुरुष भी बाढ़ के पानी में बह गए। मोख्ता ने बताया कि लाहौल के उदयपुर में मंगलवार रात करीब आठ बजे बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ में मजदूरों के दो तम्बू और एक निजी जेसीबी मशीन बह गई। बाढ़ के कारण तीन लोगों की मौत हो गई और सात श्रमिक अब भी लापता हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के दलों को लापता लोगों की तलाश के लिए भेजा गया, लेकिन पानी के तेज बहाव ने मंगलवार रात तलाश अभियान को बाधित किया।

    उन्होंने बताया कि तलाश अभियान बुधवार सुबह फिर से शुरू किया गया। लाहौल-स्पीति के उपायुक्त नीरज कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भूस्खलनों के मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल बुलाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘एनडीआरएफ का दल रास्ते में है और उसके दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंचने की संभावना है।” उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ द्वारा त्वरित बचाव अभियान के लिए जिला प्रशासन मौके पर आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था कर रहा है। मोख्ता ने बताया कि चम्बा में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में जेसीबी मशीन का एक सहायक बह गया।

    उन्होंने बताया कि लाहौल-स्पीति के विभिन्न हिस्सों में कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और लगभग 60 वाहन फंस गए हैं। भूस्खलन के कारण राज्य के कई अन्य हिस्सों में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। उन्होंने बताया कि शिमला शहर के विकास नगर में भूस्खलन में एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। इस बीच, राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है और शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने रेड अलर्ट जारी किया है। मोख्ता ने बताया कि इससे पहले मंगलवार को भारी बारिश के कारण भागा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद लाहौल-स्पीति के दारचा गांव से कई लोगों को बाहर निकाला गया था।

    दारचा पुलिस जांच चौकी के मुताबिक, भारी बारिश से नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया, जिसके कारण नदी किनारे की तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। मोख्ता ने बताया कि निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। (एजेंसी)