Emergency landing facility inaugurated on NH-925A in Rajasthan
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    जालोर/नयी दिल्ली. आज की बड़ी खबर के अनुसार राजस्थान के जालोर में बने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज इमरजेंसी फील्ड लैंडिंग का भव्य उद्घाटन हुआ। इस ख़ास अवसर पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत भी शामिल हुए।

    आपको बता दें कि आज C-130J सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया को लेकर जालोर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन फील्ड लैंड किया गया। वहीं इस विमान के लैंड होते ही वहां मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका भव्य स्वागत किया।

    बता दें की भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) युद्ध और अन्य किसी आपात स्थितियों में राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर बने रनवे पर अपने मारक लड़ाकू विमान (Fighter Planes) उतारने की तैयारी कर रही थी। इसके तहत तहत राजस्थान के बाड़मेर (Badmer) व जालौर (Jalour) जिलों में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो रनवे भी तैयार किए गए हैं। इन दोनों रनवे पर ही लड़ाकू विमान आपात स्थिति में सुरक्षित उतारे जा सकेंगे। इतना ही नहीं इन पर विमान पार्क भी हो सकेंगे।

    Defence Minister Rajnath Singh, Road Transport Minister Nitin Gadkari, Air Chief Marshal RKS Bhadauria, and Chief of Defence Staff General Bipin Rawat attend a programme held on the occasion of inauguration of Emergency Field Landing at the National Highway in Jalore, Rajasthan pic.twitter.com/2lLTe7qZVA

    — ANI (@ANI) September 9, 2021

    क्या है इन ख़ास रनवे की ख़ास बातें

    • बाखासर में बने इस 3 किलोमीटर लंबा और 33 मीटर चौड़े रनवे पर लडाकू विमान उतारने के साथ हो सकेंगे पार्क भी।
    • जालौर जिले के चितलवाना के पास करीब 5 किलोमीटर लंबे बने इस रनवे पर वायुसेना के विमान भी आसानी से उतारे जा सकेंगे। 
    • बीते इस रनवे पर वायुसेना ने दो हेलिकाप्टर उतार कर परीक्षण भी किया था। 
    • दोनों हवाई पट्टियों को लड़ाकू विमानों के उतारने के लिए उपयुक्त मन गया है।
    • इन रनवे पर फाइटर प्लेन आसानी से उतारे और उड़ान भी भर सकेंगे। 
    • वायुसेना अपने आपरेशन को आसानी से दे सकेगी अंजाम। 

    19 महीने के रिकॉर्ड समय में हुआ तैयार 

    गौरतलब है कि इनका निर्माण 19 महीने के अंदर ही पूरा किया गया है। बता दें कि इसका निर्माण कार्य बीते जुलाई 2019 में शुरू किया गया था और जनवरी 2021 में यह सम्पन्न भी हो गया है। IAF और NHI की देखरेख में ‘जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने इसका बेहतरीन निर्माण किया है।