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    नई दिल्ली: कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के अधिक संक्रामक होने और बिना लक्षण वाले अधिक मामले सामने आने के मद्देनजर केन्द्र सरकार ने नौ राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों से कोविड-19 संबंधी जांच बढ़ाने को कहा है, ताकि ये मरीज दूसरों को संक्रमित ना करें। तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मिजोरम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर और बिहार को लिखे पत्र में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने मामलों और संक्रमण दर के बढ़ने के बीच कोविड-19 जांच दर कम होने की ओर इशारा किया और कहा कि यह ‘‘चिंता का कारण” है।  

    आहूजा ने पांच जनवरी को लिखे पत्र में कहा कि पर्याप्त जांच ना होने पर समुदाय में फैले संक्रमण के सही स्तर का निर्धारण करना असंभव है। उन्होंने कहा, ‘‘ ‘वैरिएंट ऑफ़ कंसर्न’ (वीओसी) ओमीक्रोन के अधिक मामले सामने आने और टीकाकरण दर अधिक होने के बावजूद अधिकतर देशों में मामले बढ़ने के मद्देनजर कोविड-19 संबंधी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निरंतर सतर्कता तथा प्रयासों की आवश्यकता है।”

     अतिरिक्त सचिव ने कहा, ‘‘ ‘ओमीक्रोन’ के अप्रत्याशित और अत्यधिक संक्रामक होने और अधिकतर संक्रमितों में कोई लक्षण ना होने की बात को ध्यान में रखते हुए, किसी के संक्रमित होते ही तुरंत जांच होने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मरीज दूसरों को संक्रमित ना करें।” आहूजा ने कहा कि यह पाया गया कि नए मामलों और संक्रमण दर के बढ़ने के बीच कोविड-19 जांच दर कम हुई है जो ‘‘चिंता का कारण” है।  

    उन्होंने राज्यों को परीक्षण सामग्री, किट आदि के पर्याप्त भंडार की समीक्षा करने तथा उपलब्धता सुनिश्चित करने और जांच सुविधाओं संबंधित जरूरी सामान की नियमित व्यवस्था करने की सलाह दी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के एक दिन में सर्वाधिक 495 नए मामले सामने आए, जिससे इस स्वरूप से संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 2,630 हो गयी। (एजेंसी)