भारतीय सेना बनी सांता क्लॉज, कश्मीर के बच्चों को दिए गिफ्ट

कश्मीर (Kashmir) में सेना की 19वीं राष्ट्रीय राइफल में तैनात सिपाही गुरविंदर सिंह को शुक्रवार को कश्मीर में अलग जिम्मेदारी ‘ मिशन स्माइल' दी गई थी।

लरकीपोरा (कश्मीर). कश्मीर (Kashmir) में सेना की 19वीं राष्ट्रीय राइफल में तैनात सिपाही गुरविंदर सिंह को शुक्रवार को कश्मीर में अलग जिम्मेदारी ‘ मिशन स्माइल’ दी गई थी। इस मौके पर गहरे हरे रंग की वर्दी पहनने वाले सिंह लाल लिबास में दिखे और उनके हाथों में असाल्ट राइफल के स्थान पर उपहारों का झोला था।

इस प्रकार ‘फौजी’ सांता क्रिसमस (Christmas) के दिन घाटी के बच्चों को स्वागत करने के लिए तैयार था और उसने बच्चों को तोहफे, टॉफी, चॉकलेट बांटने के लिए साथ ही भविष्य के करियर की सलाह भी दी। राजधानी श्रीनगर से 65 किलोमीटर दूर लरकीपोर स्थित राष्ट्रीय राइफल की छावनी में क्रिसमस (Christmas) के दिन सेना के बूट की आवाज के स्थान पर आसपास के इलाके वेस्सू, पथडियालगाम, ब्रेंटी,कोकेरनाग, वायलू और गडोल के बच्चों की खिलखिलाहट सुनाई दी जिन्हें यहां के कमांडिंग ऑफिसर ने लोगों से संपर्क करने की भावना से आमंत्रित किया था।

सेना के विक्टर फोर्स के अंतर्गत आने वाले 19वीं राष्ट्रीय राइफल के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल धर्मेंद्र यादव ने कहा, ‘‘ हम विक्टर फोर्स के जीओसी के निर्देश पर काम कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से जुड़ रहे हैं। इसके पीछे की मंशा बच्चों को खुश देखने की थी इसलिए हमने किया।” सेना की यह इकाई आतंकवाद प्रभावित दक्षिण कश्मीर की सुरक्षा करती है।

उन्होंने बताया कि यूनिट ने अपने सिपाही की तैनाती सांता क्लॉज के तौर की और बच्चों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को छोटे उपहार देने के साथ उन्हें करियर के बारे में भी परामर्श दिया गया।

मेजर राहुज जायेंगर ने बच्चों से आशंकाओं को दूर करने और अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हर बच्चे की अपनी विशेषता है जिसे प्रोत्साहित करने की जरूरत होती है।”