On the occasion of Vijayadashami, RSS chief Mohan Bhagwat spoke about OTT platforms, Taliban, Pakistan, china in Nagpur, Maharashtra
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    नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) (RSS) का आज 96वां स्थापना दिवस है। हिंदी तिथि के अनुसार विजयदशमी के दिन, 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी। शुक्रवार को नागपुर (Nagpur) में आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस चीफ मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने शस्त्र पूजा की और फिर स्वंयसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि, जनसंख्या (Population) नीति पर एक बार फिर से विचार किया जाना चाहिए। 

    न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, आरएसएस चीफ ने कहा कि, “जनसंख्या नीति पर 50 साल आगे तक का विचार कर नीति बनानी चाहिए और उस नीति को सभी पर समान रूप से लागू करना चाहिए, जनसंख्या का असंतुलन देश और दुनिया में एक समस्या बन रही है।” आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस मौके पर ओटीटी प्लेटफार्म को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जो दिखाया जाता है, उस पर कोई नियंत्रण नहीं है, कोरोना के बाद बच्चों के पास भी फोन हैं। नशीले पदार्थों का प्रयोग बढ़ रहा है, इसे कैसे रोकें? ऐसे व्यवसायों के पैसे का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। इन सब पर नियंत्रण होना चाहिए।

    भागवत ने अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत को लेकर कहा कि, “हम तालिबान के इतिहास को जानते हैं…चीन और पाकिस्तान आज भी उसका समर्थन करते हैं… तालिबान भले ही बदले हों लेकिन पाकिस्तान नहीं… क्या भारत के प्रति चीन के इरादे बदल गए हैं?… हमारी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है।”

    इस मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि, जिस दिन हम स्वतंत्र हुए उस दिन स्वतंत्रता के आनंद के साथ हमने एक अत्यंत दुर्धर वेदना भी अपने मन में अनुभव की वो दर्द अभी तक गया नहीं है। अपने देश का विभाजन हुआ, अत्यंत दुखद इतिहास है वो, परन्तु उस इतिहास के सत्य का सामना करना चाहिए, उसे जानना चाहिए।

    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि, विश्व को खोया हुआ संतुलन व परस्पर मैत्री की भावना देने वाला धर्म का प्रभाव ही भारत को प्रभावी करता है। यह ना हो पाए इसीलिए भारत की जनता, इतिहास, संस्कृति इन सबके विरुद्ध असत्य कुत्सित प्रचार करते हुए, विश्व को तथा भारत के जनों को भी भ्रमित करने का काम चल रहा है।