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    मुंबई/ नई दिल्ली: बाबा रामदेव एक बार फिर विवादों घिरे दिख रहे हैं। दरअसल, पुणे में आयोजित एक योग शिविर के दौरान रामदेव ने कहा था कि, महिलाएं साड़ी, सलवार और सूट में भी अच्छी लगती हैं, मेरी तरह कुछ ना भी पहने तो भी अच्छी लगती हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि, रामदेव जब यह बात कह रहे थे, तब राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पत्नी अमृता संग वहां मंच पर मौजूद थे। 

    बाबा रामदेव का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने रामदेव के इस बयान की निंदा की है। मालीवाल ने अपने ट्विटर हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि, ‘महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की पत्नी के सामने स्वामी रामदेव द्वारा की गई टिप्पणी अमर्यादित और निंदनीय है। इस बयान से सभी महिलाएं आहत हुई हैं, बाबा रामदेव को इस बयान पर देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।’

    उल्लेखनीय है कि, इस वायरल वीडियो में बाबा रामदेव यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, बहुत बदनसीब हैं आप। सामने के लोगों को साड़ी पहनने का मौका मिल गया, पीछे वालों को मिला ही नहीं। आप साड़ी पहन के भी अच्छी लगती हैं, सलवार सूट में भी अमृता की तरह अच्छी लगती हैं और मेरी तरह कोई ना भी पहने तो भी अच्छी लगती हैं। अब तो लोग लोक लज्जा के लिए पहन लेते हैं। बच्चों को कौन कपड़े पहनाता है पहले। हम तो आठ दस सालों तक तो ऐसे ही नंगे घुमते रहते थे। ये तो अब जाकर पांच-लेयर बच्चों के कपड़ों पर आई है। 

    बाबा रामदेव के इस बयान पर अब राज्य की सियासत भी तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने पूछा, अमृता फडणवीस ने टिप्पणियों का विरोध क्यों नहीं किया?

    संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, जब राज्यपाल शिवाजी पर अपमानजनक टिप्पणी करते हैं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के गांवों को अपनी राज्य की सीमा में मिलाने की धमकी देते हैं, अब बीजेपी प्रचारक रामदेव महिलाओं का अपमान करते हैं, तो सरकार चुप रहती है। क्या सरकार ने अपनी जुबान दिल्ली के पास गिरवी रख रखी है?