किसानों की चौखट तक पहुंचाया जा रहा ईंधन

  • शहर से दूर-दराज गांव में बसे ग्रामीणों का बचेगा समय और पैसा
  • 25 किमी दूर जाना पड़ता था ईंधन के लिए

साक्री. रिलायंस कंपनी ने किसानों को घर की चौखट तक डीजल मुहैया कराने की अभिनव पहल शुरू की है, इससे तहसील के आदिवासी बहुल इलाकों के किसानों में ख़ुशी की लहर है. इसके कारण समय और पैसों की बचत हो रही है. तहसील क्षेत्र में मोबाइल वेन द्वारा डीजल पंप-वाहन द्वारा डीजल किसानों के खेत खलिहान और मकान तक पहुंचाया जा रहा है.खेत में तैयार फसल की कटाई और नयी बुवाई के काम में जुटे किसानों के लिये यह किसी वरदान से कम  साबित नहीं हो रहा है. तहसील के पश्चिमी पट्टे में बसे 50 से ज्यादा सुदूर गांवों के किसानों को इसका लाभ मिल रहा है.ये सभी गांव डीजल-पेट्रोल पंप से काफी दूर हैं.

हकीकत में पेट्रोल पंप पर ईंधन भराने हेतु आनेवाले ग्राहकों की भीड़ हो जाती है. वर्तमान में कोरोना प्रकोप के चलते आवश्यक  सोशल डिस्टेंसिंग को पालन करना कठिन साबित हो रहा है. इसी खातिर 26 सौ लीटर की डीजल टंकी एक वाहन पर लाद कर सीधे किसानों के घर तक यह मोबाइल वाहन से आपूर्ति की जा रही है. उक्त वाहन के साथ पंप पर उपलब्ध सुविधाएं, जैसे मीटर रीडिंग, नकद या बैंक के कार्ड से भुगतान  भी मुहैया कराया गया है. पिंपलनेर के पश्चिमी पट्टा भाग में  चिकसे, देगांव,गव्हानिपाड़ा,ऊंभरे और साथ ही वार्सा, कुडाशी, बल्हाने, रायपुर, पिपलदहाड़ आदि लगभग 50 आदिवासी गांवों में  ‘ईंधन आपके द्वार ’योजना के जरिए किसानों को घर-घर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है.

चिकसे गांव में 100 से अधिक ट्रैक्टर

ग्राम चिकसे जैसे एक छोटे गांव में सौं से ज्यादा ट्रैक्टर हैं. उक्त योजना से कंपनी को पूरे इलाके की ग्राहकी का लाभ मिलता है, वहीं किसानों को बैठे-बिठाए जगह पर ईंधन मिल रहा है. विगत हफ्ते से खरीफ मौसम की फसल कटाई ने गति पकड़ी है. मक्का, सोयाबीन और बाजरा सहित दलहन की कटाई का काम जोरों पर है. किसान दिन भर खेती में लगा रहता है. पश्चिमी पट्टा क्षेत्र परिसर में आजकल ट्रैक्टर से ज्यादातर खेती काम किये जाते हैं. ट्रैक्टर के लिए डीजल लाने हेतु 20 से 25 किमी दूर पिंपलनेर में स्थित पंप पर जाना पड़ता है. पिंपलनेर से बीस से पच्चीस किलोमीटर के दायरे में गांवों को लाभान्वित किया है. जिसको लेकर किसानों का समय और पैसा दोनों  बर्बाद होते थे ऐसे सभी खेती से जुड़े  किसानों को इस अनोखी डीजल सेवा से फायदा हुआ है.

रबी फसल के लिए लगेगा डीजल

खरीफ फसलें मक्का, बाजरा, सोयाबीन, दलहनों की कटाई के बाद अनाज के साथ चारे की ढुलाई, रबी सीजन से पहले खेत में जुताई, रोटावेटर, खेत को समतल करना, गोबर-खाद का भी परिवहन ट्रैक्टर के जरिए ही होगा. किसान पांडुरंग आढाव, दादाजी खैरनार, अनिल खैरनार, भगवान वाघ, भटू खैरनार, लक्ष्मीकांत खैरनार और दीपक खैरनार ने कहा कि डीजल के लिए पिंपलनेर पहुंचने में किसानों को डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं, काम रुक जाता है, आनेजाने के लिए वाहन का खर्चा लगता है, जिसकी अब बचत होगी.

दामों में किसी तरह की वृद्धि नहीं

डीजल की फोन से संपर्क करने पर आपूर्ति हो जाती है.  होम डिलीवरी सेवा मिलने के बावजूद कोई अतिरिक्त ईंधन दर नहीं  सर्विस कमीशन नहीं वसूला जा रहा है. मूल दर पर ही डीजल बेचा जा रहा है. ईंधन खरीद पर बिल दिया जाता है और नकदी के साथ डिजिटल भुगतान की सुविधा भी किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं.

-गुलाब मालुसरे, किसान