Jalgaon city remains 100 percent closed, received tremendous support on first day of curfew

    जलगांव. महानगर में गुरुवार की रात से सोमवार की सुबह आठ बजे तक जनता कर्फ्यू (Janata Curfew) लागू किया गया है। कर्फ्यू (Curfew) के कारण महानगर की सड़कों पर रात से सुबह और शाम तक सन्नाटा छाया रहा है। जनता की भलाई के लिए लगाए गए जनता कर्फ्यू का जलगांव महानगरपालिका (Jalgaon Municipal Corporation) क्षेत्र में अभूतपूर्व असर दिखाई दिया।

     एक तरह से सभी लोगों ने जान है तो जहांन है कि कहावत चरितार्थ करते हुए छोटे-मोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखकर जिलाधिकारी अभिजीत राऊत की अपील का सम्मान रखा। सड़कों पर पुलिस, महानगरपालिका कर्मी और समाचार संकलन करते हुए संवाददाता अपनी जिम्मेदारी निभाते नजर आए।

    सोमवार तक लागू रहेगा कर्फ्यू

    कोरोना वायरस ने जलगांव ज़िला समेत सभी तहसीलों में कोहराम मचा रखा है। चीन से फैले इस महामारी कोविड-19 के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके वायरस के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से जलगांव महानगरपालिका क्षेत्र में 3 दिनों का जनता कर्फ्यू लागू किया गया है और यह सोमवार सुबह आठ बजे तक जारी रहेगा। गत 3 दिनों में कोरोना संक्रमण की चपेट में 17 व्यक्तियों को जान से हाथ धोना पड़ा है। अभी तक ज़िले में कोरोना से 1421 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें 1257 व्यक्ति 50 से अधिक की उम्र के थे। इसी तरह 715 लोगों की अन्य बीमारियों से पीड़ित  होने के कारण मौत हुई है।

    बढ़ते मरीजों से सकते में प्रशासन

    सबसे चिंताजनक बात यह है कि कोरोना की दूसरी लहर से 8 मार्च को 22 से 38 की उम्र वाले 6 मरीजों की मौत हुई है। इसी क्रम में 9 मार्च को 40 से 43 उम्र के पांच मरीजों ने दम तोड़ा है। इसके बाद 10 मार्च को  6 व्यक्तियों की मौत हुई, जिसमें 60 साल के दो मरीज और इससे कम उम्र के रोगियों की हुई थी। मार्च माह में कोरोना ने ज़िले में विकराल रूप धारण कर लिया है। दो दिनों में अधिक संक्रमित मरीज मिलने के कारण जिला प्रशासन ने महानगरपालिका क्षेत्र में 3 दिनों का जनता कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। 

    मनपा प्रशासन ने 6 टीमें की गठित

    जलगांव शहर में रात से तीन दिवसीय सार्वजनिक कर्फ्यू शुरू हो गया है। जिला प्रशासन ने नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी है ताकि किसी भी क्षेत्र में भीड़ न हो। मनपा प्रशासन ने इसके लिए छह टीमों का गठन किया है। जिला प्रशासन ने प्रत्येक मनपा दस्ते में 25-कर्मचारियों को शामिल किया है। ये टीमें सार्वजनिक कर्फ्यू के दौरान प्रतिष्ठान और दुकानें खुली हैं या बिना किसी कारण के बाहर निकलते हैं, तो कार्रवाई करेंगी। शहर में आवश्यक सुविधाओं के अलावा वाणिज्यिक दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।  जिसे नागरिकों ने जबरदस्त समर्थन दिया।

    नियमों का उल्लंघन होने पर होगी कड़ी कार्रवाई

    इस कर्फ्यू में प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन होने पर इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी प्रशासन ने दी है। शहर के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले इलाके सुभाष चौक, सराफ बाजार, दान बाजार, बलिराम पेठ, टॉवर चौक, गोलानी मार्केट, फुले मार्केट और बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। सार्वजनिक कर्फ्यू के कारण बाजार, विभिन्न दुकानें सब्जी मंडी बंद होने के कारण आज भीड़ नहीं देखी गई। लेकिन, सुबह कंपनी में कार्य करने वाले राहगीरों की भीड़ सुबह देखने को मिली थी। स्थिति अगले तीन दिनों तक बनी रहेगी। सब्जी मंडी बंद होने के कारण अनेक किसानों ने कृषि सामग्री को वापस घर ले गए।

    सब्जी मंडी में किसानों का हंगामा

    इस दौरान किसानों ने सब्जी मंडी में जमकर हंगामा किया। किसान सब्जी मंडी प्रशासन के पास पहुंचे और कहा कि अगर पूर्व सूचना देते तो किराए खर्च कर सब्जी बाजार में नहीं लाते जिसके चलते किसानों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी प्रकट करते हुए कुछ समय तक आंदोलन किया।

    कर्फ्यू कारण बढ़े खाद्य पदार्थ के दाम

    महानगरपालिका क्षेत्र में लगे जनता कर्फ्यू के चलते गुरुवार की देर शाम तक बाजार में रौनक बनी रही। सब्जी मार्केट में सब्जी के दामों में बढ़ोतरी देखी गई, वहीं पर खाद्य तेल में भी तेजी होने के कारण आम आदमी ने इस पर नाराजगी का इजहार किया। जिला प्रशासन से बढ़ते दामों पर नकेल कसने की मांग नागरिकों ने की है।