Prakash Ambedkar and Modi

नागपुर. वंचित बहुजन अघाडी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार चीन के साथ शुरुआत में ‘नूरा कुश्ती’ लड़ रही थी, जिसे पड़ोसी देश ने हाल में वास्तविक लड़ाई में तब्दील कर दिया। दलित नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार चीन के साथ ‘नूरा कुश्ती’ क्यों खेल रही थी इस नीति के पीछे क्या ‘राजनीति’ है? हाल ही में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 19 जवान और एक कर्नल शहीद हो गए थे, जिसके बाद आंबेडकर का यह बयान आया है।

उन्होंने कहा, “पंद्रह दिन पहले, मैंने एक बयान दिया था कि प्रधानमंत्री चीन के साथ नूरा कुश्ती खेल रहे हैं। मैंने यह भी कहा था कि जब तक यह नूरा कुश्ती है तब तक तो कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन यदि चीन ने इसे वास्तविक कुश्ती में बदलने का फैसला कर लिया तो यह भारत के लिए समस्या होगी। और अब यही हुआ।” दलित नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले में सभी दलों को भरोसे में लेना चाहिए और अपनी भविष्य की रणनीति पर चर्चा करनी चाहिए।

इस बीच, आंबेडकर ने दलित सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद बनसोद की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग भी की, जिन्होंने पिछले महीने नागपुर जिले के पिंपलधारा गांव में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक मिथिलेश उर्फ मयूर बंदोपंत उमरकर और उसके दो दोस्तों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

पुलिस के मुताबिक, अरविंद और उनका एक दोस्त मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, इसी दौरान उन्होंने रुककर गैस एजेंसी की फोटो ली। इस पर मिथिलेश और उसके दोस्तों ने अरविंद के साथ मारपीट की। बाद में अरविंद ने कथित रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया और दो दिन बाद उनकी अस्पताल में मौत हो गई। (एजेंसी)